सीएम ने दिए अधिकारियों को ग्राउंड जीरो पर जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के सख्त निर्देश
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मानसून, अतिवृष्टि, चारधाम यात्रा, डेंगू रोकथाम और आपदा प्रबंधन की तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अधिकारी केवल बैठकों तक सीमित न रहें, बल्कि नियमित रूप से ग्राउंड जीरो पर जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें। उन्होंने मानसून के दौरान सभी विभागों को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने और किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए।चारधाम यात्रा की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री को बताया गया कि इस वर्ष अब तक 44.65 लाख से अधिक श्रद्धालु यात्रा कर चुके हैं। उन्होंने यात्रा मार्गों पर सुरक्षा, चिकित्सा, पेयजल, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जेसीबी, पोकलैंड मशीनें और तकनीकी टीमों की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बिजली, पेयजल और संचार सेवाएं बाधित होने पर उनकी बहाली सर्वाेच्च प्राथमिकता पर की जाए। दूरस्थ क्षेत्रों में खाद्यान्न, दवाइयों और ईंधन का पर्याप्त भंडारण करने तथा गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगों और गंभीर मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। आवश्यकता पड़ने पर हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।डेंगू रोकथाम को लेकर मुख्यमंत्री ने सभी नगर निकायों और ग्राम पंचायतों में व्यापक अभियान चलाने, जलभराव वाले स्थानों की पहचान, नियमित फॉगिंग, एंटी-लार्वा छिड़काव और स्वच्छता अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनजागरूकता अभियान में स्वयंसेवी संगठनों, महिला समूहों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने सभी जिला अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू जांच किट, दवाइयों, रक्त, बेड और चिकित्सा कर्मियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी मरीज को उपचार में परेशानी नहीं होनी चाहिए।बैठक में मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष की आपदाओं से जुड़े लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने, सभी पुलों का सेफ्रटी ऑडिट कराने, नालों की सफाई अभियान चलाने, संवेदनशील क्षेत्रों में वैकल्पिक संचार व्यवस्था विकसित करने तथा 15 अक्टूबर तक पूरे होने वाले विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।मुख्यमंत्री ने जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इसका तीसरा चरण 15 सितंबर से नए स्वरूप में शुरू किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से शिविरों को औपचारिकता न बनाकर पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करने को कहा।बैठक में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, सतपाल महाराज, आपदा प्रबंधन राज्य सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रोहिल्ला, विभिन्न विभागों के सचिव, देहरादून के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा राज्य के सभी जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रत्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से भाग लिया।
