तड़म गांव पहुंचे डीएम अंशुलर : वन्यजीवों से सुरक्षा के लिए पूरे गांव में चेन लिंक फेंसिंग का आदेश
रामनगर । कॉर्बेट पार्क से सटे अल्मोड़ा जिले के सल्ट विकासखंड के दूरस्थ तड़म गांव में बाघ के हमले में ग्रामीण महिपाल सिंह की मौत के बाद जिलाधिकारी अंशुल सिंह खुद गांव पहुंचे। भीषण गर्मी और दुर्गम पैदल रास्तों की परवाह न करते हुए जिलाधिकारी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। इस दौरान उन्होंने गांव की समस्याएं भी सुनीं और लापरवाह अधिकारियों को आड़े हाथ लिया। सल्ट विकासखंड के बोरडा तोक स्थित तड़म गांव में हाल ही में मानव वन्यजीव संघर्ष में महिपाल सिंह की दर्दनाक मौत हो गई थी। घटना के बाद जिलाधिकारी अंशुल सिंह स्वयं गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार के साथ गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। परिवार की दयनीय आर्थिक स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मौके पर ही मृतक की एक बेटी को तहसील कार्यालय सल्ट में अस्थायी रूप से डाटा एंट्री ऑपरेटर के रूप में तैनात करने के निर्देश दिए। वहीं, दूसरी बेटी को शिक्षक स्वयं सेवक के रूप में अस्थायी नियोजन देने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को क्षेत्र में बढ़ते वन्यजीवों के खतरे, खराब सड़कों, पेयजल संकट और मूलभूत सुविधाओं की कमी से अवगत कराया। इस पर जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग रानीखेत के अधिशासी अभियंता की अनुपस्थिति पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उनका स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। उन्होंने वन विभाग और संबंधित अधिकारियों को पूरे गांव में चेन लिंक फेंसिंग कराने के निर्देश दिए ताकि भविष्य में जंगली जानवरों के हमले से ग्रामीणों को सुरक्षा मिल सके। इसके अलावा जिलाधिकारी ने तड़म से भोनखाल तक मार्ग सुधार, सोलर लाइट लगाने, नई पेयजल लाइन बिछाने और कुमेंरिया से बोरड तक सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाने के आदेश दिए। उन्होंने वन विभाग को क्षेत्र में गश्त बढ़ाने को कहा ताकि जनता में फैला खौफ कम हो सके। जिलाधिकारी के खुद गांव पहुंचकर पैदल चलकर समस्याएं सुनने और तत्काल समाधान करने के कदम पर ग्रामीणों ने उनका आभार जताया।
