एम्बुलेंस मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच शुरू
शक्तिफार्म । शक्तिफार्म में युवक की संदिग्ध मौत और समय पर एम्बुलेंस सुविधा नहीं मिलने के सोशल मीडिया पर वायरल दावों के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. केके अग्रवाल के निर्देश पर गठित जांच टीम ने शुक्रवार को मामले की गहन पड़ताल की। जांच टीम का नेतृत्व एसीएमओ डॉ. एसपी सिंह कर रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शक्तिफार्म के चिकित्साधिकारी डॉ. रोहन कुमार ने जांच टीम को बताया कि 18 मई की रात करीब 9ः30 बजे सड़क हादसे में घायल दो मरीज अस्पताल लाए गए थे। इनमें गुरुनानक नगरी, सितारगंज निवासी 24 वर्षीय मंजीत सिंह उर्फ बिट्टðू को मृत अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया था। परिजनों द्वारा दूसरी चिकित्सकीय राय के लिए युवक को सितारगंज ले जाने की इच्छा जताने पर 108 सेवा से संपर्क किया गया था, लेकिन वाहन पहुंचने में देरी की सूचना पर परिजन उसे निजी वाहन से सितारगंज ले गए। वहां ईसीजी जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। उप जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. कुलदीप यादव ने बताया कि उस समय शक्तिफार्म अस्पताल की उपलब्ध एम्बुलेंस एक घायल महिला को लेकर अस्पताल गई थी, जिस कारण तत्काल दूसरी एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। जांच के दौरान डयूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. रोहित कुमार और अन्य कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए हैं। घटना वाले दिन 108 एम्बुलेंस की लोकेशन रिपोर्ट भी तलब की गई है ताकि स्पष्ट हो सके कि वाहन उस समय कहां था और पहुंचने में कितना समय लगा। जिला समन्वयक नवनीत कुमार ने बताया कि शक्तिफार्म की 108 एम्बुलेंस वर्तमान में खराब होने के कारण मरम्मत हेतु वर्कशॉप में है। इस समय क्षेत्र में सितारगंज, बरा और सिडकुल की एम्बुलेंस सेवाएं संचालित हो रही हैं। उन्होंने डीजल की कमी के दावों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि सभी वाहनों में पर्याप्त ईंधन उपलब्ध है। स्वास्थ्य विभाग ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
