Uttaranchal Darpan

Hindi Newsportal

कल्याणी नदी से सटे इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी, एसडीआरएफ टीमों ने घरों में फंसे लोगों को निकाला

रुद्रपुर(उद संवाददाता)। पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बरसात से जहां जिला मुख्यालय व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रें में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है तो वहीं शहर के मध्य बहने वाली कल्याणी नदी का जल स्तर भी धीरे धीरे बढ़ने लगा । जिस कारण लोगों की परेशानियां निरंतर बढ़ती जा रही हैं। साथ ही लगातार हो रही बरसात के कारण मंगलवार की रात्रि से कल्याणी नदी का जलस्तर बढ़ते जाने से नदी का पानी अनेक मौहल्लों में लोगों के घरों व दुकानों में कई फुट तक प्रवेश कर गया है। जिस कारण तमाम लोग अपना जरूरी सामान समेटकर बच्चों को लेकर सुरक्षित स्थानों को जाने लगे हैं। बाढ़ की स्थिति के चलते जगतपुरा, मुखर्जी नगर में कई घरों को खाली कराकर लोगों को राहत शिविरों में शरण दी गयी। वर्षा के कारण नगर की कई आवासीय कालोनियों जगतपुरा, मुखर्जीनगर, संजय नगर खेड़ा, इन्द्रा कालोनी, वैशाली कालोनी, आवास विकास, भूत बंगला, पहाड़गंज, भदईपुरा, रम्पुरा, खेड़ा, ट्रांजिट कैम्प, समेत तमाम इलाकों में जलभराव हो गया है। अनेक मौहल्लों में तो लोग कमर तक पानी में सुरक्षित स्थानों को जाने पर मजबूर हो रहे हैं। कल्याणी नदी का जल स्तर बढ़ने से नदी किनारे के मौहल्लों में भारी जल भराव हो जाने से एसडीआर एफ की टीमें भी प्रभावित लोगों की मदद के लिए आ गई हैं। बताया जाता है कि जगतपुरा की तीन गलियों से लगभग 15 परिवारों को सुरक्षित अन्य स्थानों को भेजा गया है।
अनेक मौहल्लों के लोग अपने घरों की छतों पर चढ़कर पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं। लोगों के घरों में बरसात का कीचड़ भरा पानी आ जाने से काफी नुसान होने की भी सम्भावना बनी हुई है। कल्याणी नदी से सटे इलाकों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर रात से ही प्रशासन अलर्ट हो गया। महापौर विकास शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी, नगर आयुक्त नरेश दुर्गापाल, एसडीएम मनीष बिष्ट, तहसीलदार दिनेश बुडोला, उपनगर आयुक्त शिप्रा जोशी समेत तमाम अधिकारियों ने जलभराव वाले इलाकों का दौरा कर हालातों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान महापौर ने जलभराव से प्रभावित क्षेत्रें में पैदल भ्रमण कर लोगों से मुलाकात की राहत शिविरों में भी प्रभावित लोगों से मुलाकात की और उनका हाल जाना। महापौर ने कहा कि जलभराव से निपटने के लिए नगर निगम की चार टीमें लगाई गयी हैं। जो लोगों को जलभराव से निजात दिलाने के प्रयास में लगातार जुटी हैं। जो नाले किसी कारणवश बंद हो गये हैं, उन्हें खोलने की कार्रवाई लगातार की जा रही है। प्रभावित लोगों के लिए तीन स्थानों पर राहत कैम्प लगाए गए है। जहाँ पर भोजन आदि की व्यस्था भी की जा रही है। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है। निरीक्षण के दौरान महापौर ने कहा कि कल्याणी नदी पर हो रहे अतिक्रमण के चलते हर वर्ष जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा पूर्व में चिन्हीकरण कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जानी थी, लेकिन स्थानीय निवासियों के अनुरोध पर कुछ समय के लिए राहत दी गई थी। अब जब यह समस्या बार-बार विकराल रूप ले रही है, तो इसे स्थायी समाधान की दिशा में ले जाना आवश्यक हो गया है। महापौर ने कहा कि नगर निगम द्वारा कल्याणी नदी को उसके मूल स्वरूप में लाने की योजना तैयार की जा रही है। शासन से स्वीकृति मिलते ही इस योजना पर अमल शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष नगर निगम ने एक माह तक महाअभियान चलाकर नदी की व्यापक सफाई कराई थी। पोकलैंड मशीनों व जेसीबी के माध्यम से की गई सफाई ने इस बार बाढ़ की स्थिति को काबू में रखने में अहम भूमिका निभाई, अन्यथा नुकसान और अधिक हो सकता था। कहा कि अब समय आ गया है कि अतिक्रमणकारियों को हटाकर जनता को बार-बार होने वाली समस्या से निजात दिलाई जायेगी। आने वाले समय में नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाने की ठोस कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में जलभराव और बाढ़ की समस्या से स्थायी रूप से निजात मिल सके।



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *