रुद्रप्रयाग एवं केदारनाथ क्षेत्र के नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों ने की मुख्यमंत्री धामी से भेंट
देहरादून। संपन्न पंचायत चुनाव में अपेक्षित प्रदर्शन ना कर पाने के कारण भारतीय जनता पार्टी को झटका जरूर लगा है, लेकिन वह पूरी तरह निराश नहीं है। पंचायत चुनाव के खराब प्रदर्शन के सदमे से उबरते हुए सत्ताधारी दल ने अब सूबे में जिला पंचायत अध्यक्ष एवं ब्लॉक प्रमुख का पद कब्जाने की कवायद आरंभ कर दी है। समझा जाता है कि भाजपा के इस अभियान को लक्ष्य तक पहुंचने में का सारा दारोमदार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह पर ही है और भाजपा की दृष्टि से यह बड़े संतोष की बात है कि सीएम धामी समय रहते इस दिशा में सक्रिय हो गए हैं तथा मुख्यमंत्री धामी ने सभी जिलों के निर्दलीय जिला पंचायत सदस्यों को अपने स्तर पर साधने की कोशिश भीआरंभ कर दी है । इस क्रम में रुद्रप्रयाग एवं केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र के नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल, जिसमें भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्य तथा अनेक निर्दलीय नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य तथा रुद्रप्रयाग विधायक भारत सिंह चौधरी भी शामिल थे, विगत रोज मुख्यमंत्री धामी से मिला। वैसे तो, इस मुलाकात को सौजन्य भेंट बताया जा रहा है, लेकिन सियासी गलियारों में इसे निर्दलीय जिला पंचायत सदस्यों को साधने की भाजपाई कोशिश के रूप में देखा जा रहा है और माना जा रहा है कि सीएम धामी के साथ भाजपा के स्थानीय नेताओं एवं नवनिर्वाचित निर्दलीय जिला पंचायत सदस्यों की ऐसी ही मुलाकातें जल्द ही उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों में भी देखने को मिल सकती हैं ,क्योंकि इस बार के पंचायत चुनाव में निर्दलीय जिला पंचायत सदस्य तकरीबन सभी जनपदों में अच्छी खासी संख्या में निर्वाचित हुए हैं। पूरे प्रदेश में निर्दलीय तौर पर निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों की संख्या तकरीबन 152 तक पहुंचती है ।वहीं ,राज्य निर्वाचन आयोग से मिले आंकड़ों पर गौर करें तो बीजेपी के जिला पंचायत सदस्यों की कुल संख्या 122 और कांग्रेस के जिला पंचायत सदस्यों की संख्या 80 तक पहुंचती है। लेकिन बीजेपी का दावा है कि पार्टी ने जिला पंचायत सदस्य की 122 नहीं, बल्कि 216 सीटें जीती हैं। इसी तरह कांग्रेस पार्टी की ओर से भी यह दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस ने जिला पंचायत की 80 नहीं, बल्कि 160 सीटें जीती हैं। कांग्रेस का दावा है कि कई ऐसे निर्दलीय उम्मीदवार हैं, जो उनकी पार्टी की संपर्क में हैं, वो कांग्रेस की विचारधारा से ताल्लुक रखते हैं।जहां तक रुद्रप्रयाग की 18 जिला पंचायत सीटों का सवाल है ? तो यहां 5 सीटों पर बीजेपी तो 3 पर कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है। उम्मीद की जा रही थी कि जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट सामान्य पुरुष होगा, लेकिन यहां इसके उलट सीट महिला हो गई। जिसके बाद पुरूष प्रत्याशियों के अरमान धरे के धरे रह गए। महिला सीट होने के बाद अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर अब बीजेपी और कांग्रेस में आमने-सामने की टक्कर थी और इसकी तैयारियां भी शुरू हो गई थी, लेकिन रविवार को रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी के नेतृत्व में ,बीजेपी जिला पंचायत सदस्यों के साथ ही कई निर्दलीय जिला पंचायत सदस्यों की मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से मुलाकात की तस्वीर देहरादून सेअचानक सामने आ गई । जिसके बाद ये कयास लगाये जा रहे हैं कि रुद्रप्रयाग में बीजेपी एक बार फिर अपना अध्यक्ष बनाने की स्थिति में है।
