राज्य के प्रत्येक विकासखंड में कम से कम एक स्मार्ट गांव विकसित किया जाए: धामी
देहरादून(उद संवाददाता)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के ग्रामीण विकास को गति देने के लिए बड़ा निर्देश देते हुए सोमवार को सचिवालय में आयोजित ग्राम्य विकास विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को हर गांव में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट स्थापित करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि गांवों की सतत स्वच्छता और पर्यावरण संतुलन के लिए यह अनिवार्य कदम है। मुख्यमंत्री ने बैठक में यह भी निर्देश दिया कि राज्य के प्रत्येक विकासखंड में कम से कम एक स्मार्ट गांव विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे गांवों में हर परिवार रोजगार से जुड़ा हो, तथा पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं पूर्ण रूप से उपलब्ध हों। उन्होंने ग्राम्य विकास विभाग से स्मार्ट गांवों के लिए एक व्यवस्थित कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना’को प्रभावी ढंग से धरातल पर लागू करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि यह योजना स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सहायक सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री धामी ने ‘वाइब्रेंट विलेज’ योजना के तहत नवाचार को बढ़ावा देने पर भी बल दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सीमांत और पर्वतीय क्षेत्रें में स्थित गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें आर्थिक, सामाजिक और डिजिटल रूप से समृद्ध बनाया जाए। महिला सशक्तीकरण की दिशा में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य की महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को एक प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ अंब्रेला ब्रांड से अधिक से अधिक समूहों को जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि इससे महिला समूहों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच मिलेगी और उनकी आय में भी वृद्धि होगी।मुख्यमंत्री ने इस दौरान अधिकारियों से ग्रामीण क्षेत्रें में स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान के आधार पर स्थायी विकास मॉडल तैयार करने का भी आ“वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य के ग्रामीण अंचलों को आत्मनिर्भर और टिकाऊ विकास की मिसाल बनाना है। बैठक में ग्राम्य विकास आयुक्त, विभागीय सचिव और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
