ईडी ने हरक सिंह रावत समेत पांच के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया
देहरादून। हरक सिंह रावत की एक बार फिर मुश्किलें बढ़ गई हैं। सहसपुर जमीन घोटाला मामले पर ईडी ने हरक सिंह रावत समेत पांच के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। सहसपुर जमीन घोटाला मामले पर हरक सिंह रावत की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ईडी ने हरक सिंह समेत पांच के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। चार्जशीट में हरक सिंह रावत की पत्नी दीप्ति रावत, बिरेंद्र सिंह कंडारी (हरक सिंह के करीबी), लक्ष्मी राणा (हरक सिंह रावत की करीबी) और पूर्णा देवी मेमोरियल ट्रस्ट को आरोपी बनाया है ईडी की जांच में सामने आया कि साल 2017 में साजिश के तहत 70 करोड़ रुपये की 101 बीघा जमीन खरीदी गई थी। यह जमीन सहसपुर क्षेत्र में स्थित है, जिस पर बाद में दून इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस की नींव रखी गई। ईडी पहले ही इस पूरी जमीन को अटैच कर चुकी है और ट्रस्ट के आर्थिक लेनदेन की जांच भी जारी है।आरोप है कि इस जमीन को खरीदने में कालेधन का इस्तेमाल हुआ और ट्रस्ट को ढाल बनाकर संपत्ति को सफेद करने की कोशिश की गई। सूत्रों के अनुसार, ईडी ने इस मामले में कई अहम दस्तावेज और बैंक ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड कोर्ट में पेश किए हैं, जो इस घोटाले की परतें खोलते हैं।
कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने दी सफाई
ईडी के आरोप पत्र दाखिल किए जाने के बाद कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने सफाई दी है। कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में हरक सिंह ने प्रेस वार्ता के जरिए केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा और ईडी व सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों को सियासी मोहरा बताया है। हरक सिंह रावत ने कहा कि सरकार के इशारे पर ईडी अब दिन को रात और रात को दिन बता रही है। जिस संस्थान से निष्पक्षता की उम्मीद की जाती है, वही आज सत्ता के इशारे पर विपक्षी नेताओं को डराने का जरिया बन गई है। हरक सिंह ने सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि कोर्ट की कई बार की फटकार के बावजूद भी ईडी और सीबीआई विपक्षी नेताओं का शोषण कर रही हैं।
