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नानकमत्ता में चौहरे हत्याकांड के चारों आरोपियों को हुई उम्र कैद

नानकमत्ता। नानकमत्ता में 3 वर्ष पूर्व हुए चौहरे हत्याकाण्ड के मामले में जिला न्यायालय ने चारों आरोपियों को उम्र कैद की सजा सुनाई है। नगर में 28 दिसम्बर की हुए चोहरे हत्याकाण्ड की गूंज से ऊधम सिंह नगर के साथ उत्तराखण्ड तक पहुंच गई थी। तीन वर्ष पूर्व ज्वैलर्स अंकित रस्तोगी व उसकी मां समेंत नानी व ममेरे भाई की गला रेतकर हत्या की गई थी। हालांकि घटना का खुलासा पुलिस ने एक सप्ताह के भीतर कर दिया था। 28 दिसम्बर 2021 को दोपहर देवहा नदी किनारें फलिस को दो युवक के शव मिले थे, जिनकी शिनाख्त खटीमा रोड नानकमत्ता के ज्वैलर्स अंकित रस्तोगी ऊर्फ अजय पुत्र शिव शंकर रस्तोगी व उसके ममेरे भाई उदित रस्तोगी पुत्र अनिल रस्तोगी निवासी थाना शाही जिला बरेली उ0 प्रदेश के रूप में हुई थी। पुलिस को अभी डबल मर्डर ही दिख रहा था कि तभी पुलिस को सूचना मिली की अंकित के की स्थिति भी संदीग्ध है, फलिस जब मौके पर पहुंची तो अंकित के घर में उसकी मां आशा देवी पत्नी शिव शंकर रस्तोगी ,नानी सन्नो देवी के शव बरामद हुए। जिनकी बेरहमी से गर्दन काटकर हत्या की गई थी। नगर में चोहरा हत्याकाण्ड की सूचना पर तत्कालीन एसएसपी दीलीप सिंह कुंवर , जिलाधिकारी समेंत फरे जिले की पुलिस फोर्स के साथ फांरेस्कि टीम मौके पर पहंच गई थी, प्रथम दृष्टया पुलिस ने हत्या की बजह लूट बताया। जिला न्यायालय ने मंगलवार को अपने फैसले में चारों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

नानकमत्ता। मृतक अंकित का व्यवहार काफी मिलनसार था, घटना से एक माह पूर्व उसने ज्वैलर्स की दुकान खोली थी, जिसमें उसमें अच्छा खासा पैसा लगाया था। जिससे हत्यारों को संदेह था कि उसका पास काफी पैसा है, इसी लालच में उन्होंने इस चोहरे हत्याकाण्ड का अंजाम दिया। अंकित व उदित की हत्या के राज खुलने के डर से उसकी मां व नानी भी गला रेतकर हत्या कर दी थी।

नानकमत्ता। मृतक अंकित रस्तोगी समेंत चोहरे हत्याकाण्ड में पुलिस ने 3-4 दिन तक इधर- उधर उलझी रही। लेकिन जब फलिस ने अंकित के करीबी से कड़ी फछताछ की तो उसने चारों आरोपियों के नाम खुले, जिससे चोहरे हत्याकाण्ड से पर्दा उठा। हालांकी अंकित के करीबी को फलिस ने जांच से बाहर कर दिया। तक खुलासा हुंआ था कि अंकित को मारने की योजना एक दिन पहले नशा पीलाकर बनाई गई थी जो कि फेल होेने के कारण अगले दिन घटना को अंजाम दिया।
नानकमत्ता। नगर में हुऐ चोहरा हत्याकाण्ड ने  उत्तराखण्ड की पुलिस को हिला दिया था। एक सप्ताह तक तत्कालीन एसएसपी दिलीप सिंह कुंवर थाने में डेरा डाले हुएं था। डीआईजी से लेकर उच्चाधिकारी हर पल की अपडेट ले रहें थे। एसपी से लेकर सीओ, इंस्पेक्टर , कई थानों के इंचार्ज नानकमत्ता जमे हुएं थे। नानकमत्ता थाने में फर्व में तैनाम कई एसओ को बुला रखा था।

नानकमत्ता। ज्वैलर्स अंकित हत्याकाण्ड के चारो हत्यारें घर से जन्म दिन के बहाने अंकित व उसके ममेरे भाई उदित को साथ ले गए थे, तब दोंनो चारों के इरादे नही भांप पाए। चारों ने देवहा नदी किनारे मिर्च आंखो में डालकर अंकित व उचित की गला रेतकर हत्या की फिर अंकित के घर आकर उसकी मां आशा कौर व नानी सन्नों की गला रेतकर हत्या कर दुकान का ताला तोड़कर नगदी लूटी।
थाना क्षेत्र में हुये चोहरा हत्याकाण्ड का विवेचनाधिकारी तत्तकालीन थानाध्यक्ष के सी आर्य को बनाया था। इसके साथ ही पुलिस की कई टीमें अलग-अलग स्थान पर भेजी गई। घटना के एक सप्ताह बाद डीआईजी नीलेश भरणे, एसएसपी दीलीप कुंवर ने घटना की बजह अंकित ज्वैलर्स की दुकान से 40 हजार की लूट होना बताते हुये हत्या में शामिल चार लोगों के नाम का खुलासा किया। जिसमें तीन युवक रानु रस्तोगी पुत्र अनिल रस्तोगी निवासी नानकमत्ता, विवके शर्मा पुत्र ओमप्रकाश शर्मा निवासी सुभाष कालौनी रूद्रपुर,मुकेश शर्मा ऊर्फ राहुल रस्तोगी पुत्र तुलसी राम निवासी रूदपुर को लूट के 35 हजार रूपये व गला रेतने वाले रेजर के साथ गिरफ्तारी का खुलासा किया। जबकि चौथा आरोपी सचिन सक्सेना फरार बताया।

प्रदेश की कानून व्यवस्था एंव न्यायिक व्यवस्था पर हमें पूर्ण भरोसा था, आज जिला न्यायलय से चारों आरोपियों को आजीवान कारावास की सजा होने हमें न्याय मिला है। हत्यारों ने जिस तरह से जंधन्य अपराध को अंजाम दिया था,माननीय न्यायलय ने जो फैसला सुनाया है हम उससे संतुष्ट है।
– आदेश रस्तोगी ;वादीद्ध मृतक अंकित रस्तोगी का भाई ।

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