August 31, 2026

Uttaranchal Darpan

Hindi Newsportal

कहां गया केदारनाथ मंदिर का ‘सवा अरब‘ का सोना ? गर्भगृह में 230 किलो सोने की जगह पीतल लगाने आरोप !

बदरी-केदारनाथ मंदिर समिति ने किया खंडन
देहरादून। क्या सदियों से भारतवर्ष की आस्था का अहम केंद्र रहे केदारनाथ मंदिर की प्रबंध समिति मे भीतर खाने कोई बड़ी आर्थिक गड़बड़ी फल-फूल रही है ? यह सवाल आहिस्ता-आहिस्ता अब एक बड़ा आकार लेता जा रहा है ,क्योंकि केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह में कुछ माह पहले लगे सोने को लेकर इन दिनों एक नया बखेड़ा शुरू हो गया है। केदारनाथ धाम से जुड़े तीर्थपुरोहित संतोष त्रिवेदी ने मंदिर प्रांगण के बनाए गए एक वीडियो में आरोप लगाया है कि मंदिर के गर्भगृह में लगा सवा अरब का सोना पीतल में तब्दील हो गया है। वीडियो में पुरोहित ने दावा किया है कि गर्भ गृह में सोने की जगह पीतल लगाया गया । इस वीडियो में मंदिर कमिटी पर सोने की जांच न करने का आरोप भी लगाया है , साथ ही तीर्थपुरोहित संतोष त्रिवेदी ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ जांच की मांग भी की है । संतोष त्रिवेदी का आरोप है कि केदारनाथ धाम में लगाए गए 230 किलो सोने की चोरी की गई है और असली सोने की जगह वहां नकली सोना लगाया गया है। इस वजह से गर्भगृह का सोना अब पीतल की तरह दिखने लगा है। बताना होगा कि तीर्थ पुरोहित संतोष त्रिवेदी चार धाम महापंचायत के उपाध्यक्ष भी हैं । सोशल मीडिया पर त्रिवेदी का यह दावा वायरल होकर धड़ाधड़ शेयर हो रहा है और तमाम लोग ट्विटर पर तरह-तरह के ट्वीट कर रहे हैं। लोग सच जाने बिना ही केदारनाथ मंदिर समिति पर बरस तो रहे ही हैं ,साथ ही कुछ पेशेवर ट्वीटबाजो ने तो इसके लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक को इसके लिए दोषी ठहराने की कोशिश भी की है । उधर बद्री केदारनाथ मंदिर समिति ने त्रिवेदी के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। अपने बयान में बदरी- केदारनाथ मंदिर समिति ने कहा है कि बिना तथ्घ्यों के भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है। ऐसा कर लोगों की भावनाएं आहत करने की कोशिश हो रही है। मंदिर समिति ऐसी भ्रामक जानकारी का मजबूती से खंडन करती है। समिति ने झूठी खबर फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात भी कही है ।मंदिर समिति के कार्याधिकारी ने कहा कि गर्भ गृह में एक दानदाता के सौजन्य से कुल 23,777.800 ग्राम सोना लगाया गया है। इसका वर्तमान मूल्य बाजार भाव के अनुसार लगभग 14.38 करोड़ रुपया है तथा मंदिर को स्वर्णमंडित किए जाने हेतु प्रयुक्त कॉपर प्लेटों का कुल वजन-1,001 300 किलो है, जिसका कुल मूल्य उनतीस लाख रुपया मात्र है । गौरतलब है कि इस मामले में विवाद तब भी हुआ था, जब सोना मढ़ा जा रहा था। मंदिर के पुजारियों और हक-हकूकधारियों के एक वर्ग ने गर्भगृह में सोना मढ़ने का विरोध किया था और इसे प्राचीन मंदिर के साथ छेड़छाड़ बताया था। विरोध करने वाले लोगों का कहना था कि सोना मढ़कर केदारनाथ मंदिर के मूल स्वरूप को बदला जा रहा है। लेकिन तमाम विवाद और विरोध के बावजूद 7 महीने पहले गर्भगृह को स्वर्णमंडित कर दिया गया था।

More Stories

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *