September 20, 2026

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फूड पाॅईजनिंग : लगातार बिगड़ रही मरीजों की हालत,सैंपल जुटाने में सिस्टम फेल

बागेश्वर। बारात में भोजन खाने के बाद फूड पाॅईजन के शिकार बीमारों में से एक और महिला ने हल्द्वानी मेडिकल कालेज अस्पताल में दम तोड़ दिया है। इसके साथ ही मरने वालों की संख्या चार हो गई है, जबकि अभी भी करीब एक दर्जन की हालत गंभीर है। बागेश्वर में इस घटना के बाद गठित जांच कमेटी ने भोजन के नमूने जांच के लिए रुद्रपुर प्रयोगशाला में भेज दिए हैं, जबकि पुलिस एवं राजस्व विभाग की टीम फॉरेंसिक जांच के नमूना लेना ही भूल गई। बास्ती एवं गडेरा समेत कई गांवों में भी अभी भी स्थिति चिंताजनक है। स्थानीय लोगों ने सीएम के अभी तक कुशलक्षेम पूछने के लिए न आने एवं मुआवजे का ऐलान न करने की आलोचना की है। सोमवार सुबह हल्द्वानी मेडिकल कालेज गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में भर्ती खिमूली देवी (60)पत्नी फकीर सिंह ने दम तोड़ दिया है। फकीर भी अस्पताल में ही भर्ती है। इसके साथ ही मरने वालों की संख्या चार हो गई है। जबकि अभी यहां करीब एक दर्जन मरीजों की स्थिति चितांजनक बनी हुई है। यहां अब तक 45 मरीज भर्ती हो गए हैं। इस बीच बागेश्वर से मिली जानकारी के अनुसार बास्ती, सनगाड़ एवं गडेरा में अभी भी स्थिति खराब है, जबकि डीएम बागेश्वर रंजना राजगुरू ने दावा किया है कि 141 लोगों की अस्पतालों से छुट्टी हो गई है। उन्होंने हालात नियंतण्रमें बताये हैं, जबकि स्थिति इसके विपरीत है। पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा है और जो लोग अस्पताल से इलाज कराकर वापस लौट रहे हैं, उन लोगों को भी रह-रह कर चक्कर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने अभी तक सीएम के पीड़ितों का हालचाल जानने के लिए न आने की कड़ी आलोचना की है। पीड़ितों का कहना है कि सीएम ने हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल में पीड़ितों से मिलकर औपचारिकता पूरी की है, जबकि सीएम को अब तक आ जाना चाहिए था। उन्होंने मुआवजे का ऐलान न करने की भी आलोचना की है। लोगों का कहना है कि सीएम जश्न से जुड़े कार्यक्रमों में तो जा सकते हैं, लेकिन पीड़ितों का हालचाल जानने नहीं आ सकते हैं। इस बीच बेरीनाग में सोमवार को सात मरीज भी रिलीव कर दिये गये हैं। सातों मरीज अपने गांव चले गए हैं। इससे पहले इन मरीजों से आज पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट एवं राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डा. धन सिंह बिष्ट ने मुलाकात की। तीनों नेताओं ने अस्पताल में पीड़ितों से काफी देर बातचीत की। बाद में तीनों नेता मुनस्यारी में पुत्र शोक में डूबे वरिष्ठ भाजपा नेता रुद्रसिंह पंडा के घर गये और उन्हें ढांढस बंधाया। जबकि हल्द्वानी मेडिकल कालेज अस्पताल में राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा ने पीड़ितों से बातचीत की। उन्होंने भी राज्य सरकार की लापरवाही पर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि घटना के पांच दिन तक भी घटना के कारणों की पड़ताल नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार की मशीनरी खाने पीने की सामग्री,बनाया गया खाना आदि के नमूने तक नहीं ले पायी है। यह आश्र्चयचकित करने वाली स्थिति है।
रायता विषाक्त होने की अफवाह, जांच में जुटे अफसर
बागेश्वर। जिले के बास्ती गांव में हुई घटना की उच्चस्तरीय जांच के सरकार के स्तर से अभी तक आदेश नहीं दिए गये हैं, जबकि जिला स्तर पर गठित की गई जांच समिति अभी तक साक्ष्य तक नहीं जुटा पायी है। इससे नित नई अफवाहों का बाजार गर्म है। पहले रॉयता विषाक्त होने की बात से इस तरह की स्थिति की अफवाह उड़ी। बाद में दाल-भात को टारगेट किया गया। अब आनंदा दूध को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि घटना के तुरंत बाद पुलिस, राजस्व एवं खाद्य सुरक्षा विभाग को अपने अपने स्तर से नमूने ले लेने चाहिए थे। खाद्य सुरक्षा विभाग ने नमूने एवं सर्वे रिपोर्ट तैयार करने में भी काफी वक्त जाया कर दिया। इससे जांच के लिए भेजा गया नमूना भी अब संदिग्ध बन गया है। एसपी मुकेश कुमार ने बताया कि जांच कमेटी ने बारात के लिए क्रय किए गए सामान के सिलसिले में संबंधित दुकानदारों के यहां से नमूने लेने का फैसला किया है। अभी तक कुछेक दुकानों के नमूने लिये जा चुके हैं। इसमें बास्ती, कांडा, बागेश्वर दुकानों में छापेमारी एवं नमूने लेने का काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि कांडा एसओ दान सिंह बिष्ट पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।
पीड़ितों को अल्मोड़ा लेकर पहुंचे विधायक भैर्याल
अल्मोड़ा। बागेश्वर में फूड प्वाइजनिंग के मामले की गंभीरता लगातार बढ़ती जा रही है। अब कपकोट के विधायक बलवंत सिंह भौर्याल ने मोर्चा संभाला और वे 22 लोगों को लेकर अल्मोड़ा के बेस चिकित्सालय पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि इन पीड़ितों को चिकित्सालय में एडमिट कराया जा रहा है। इसी के साथ अल्मोड़ा के बेस चिकित्सालय में इस प्रकरण में भर्ती मरीजों की संख्या 30 हो गई है। भौर्याल के साथ भाजपा के स्थानीय नेता भी चिकित्सालय पहुंचे हैं।अल्मोड़ा के बेस चिकित्सालय में बागेश्वर फूड प्वायजनिंग के पीड़ितों की संख्या में अचानक हुई बढ़ोतरी के बाद जिले के वरिष्ठ पुलिस कप्तान पी रेणुका देवी ने चिकित्सालय की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि चिकित्सालय में पीड़ितों को मिलने आने वाले लोगों को कोई परेशानी न हो।
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