September 20, 2026

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मांगों को लेकर महारैली में गरजे बंगाली समाज के लोग, उत्तराखण्ड में अनुसूचित जाति का दर्जा देने की मांग

सभा में वक्ताओं ने समाज की एकजुटता पर दिया बल
रुद्रपुर(उद संवाददाता)।बंगाली कल्याण समिति के आ“वान पर बंगाली समाज की चार प्रमुख एवं वर्षों से लंबित मांगों को लेकर आज रविवार को किच्छा बाईपास मार्ग पर रामलीला मैदान रुद्रपुर में विशाल महारैली का आयोजन किया गया। महारैली में हजारों की संख्या में महिला, पुरुष, युवा एवं समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए। यह महारैली पिछले 74 वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर आयोजित की गई। सर्वप्रथम भारत माता के चित्र के समक्ष बंगाली समाज के वरिष्ठजनों द्वारा दीप प्रज्जवलित किया गया। जिसके बाद बांग्ला भाषा पर आधारित अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। कार्यक्रम में समीर राय ने बंगाली कल्याण समिति की स्थापना एवं उसके संघर्षपूर्ण इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला। महारैली के संयोजक व प्रभारी परिमल राय ने बंगाली समाज की चार प्रमुख मांगों को विस्तार से रखते हुए कहा कि इन मांगों के समाधान के लिए समाज लंबे समय से लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष करता आ रहा है। शंकर चक्रवर्ती ने बांग्ला भाषा में संबोधित करते हुए महारैली के महत्व और बंगाली समाज की एकजुटता पर अपने विचार रखे। वहीं दर्जा राज्य मंत्री उत्तम दत्ता ने बंगाली समाज की मांगों को सरकार के समक्ष मजबूती से रखने का आश्वासन दिया। नवनियुक्त दर्जा राज्य मंत्री संजय बाछाड़ ने अपने संबोधन में कहा कि वे अपने कार्यकाल में बंगाली समाज की मांगों को सरकार के समक्ष रखने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। महारैली को संबोधित करने वाले प्रमुख वक्ताओं में चंद्रशेखर गांगुली, उत्तम आचार्य, तारक बाछाड़, एडवोकेट जीवन राय, पूर्व विधायक प्रेमानंद महाजन, ममता हालदार, बीकेयूएस के अध्यक्ष रवि सरकार, छात्र संघ के अध्यक्ष विशाल मंडल, रामचंद्र राय,के-पी- मंडल, किरन मंडल सहित आदि शामिल रहे। महारैली का संचालन शिवपद सरकार एवं प्रताप दत्ता ने किया। अपने सम्बोधन में बंगाली कल्याण समिति के अध्यक्ष दिलीप अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि एक महीने के भीतर बंगाली समाज की चारों प्रमुख मांगों विस्थापित बंगाली समाज की सम्बंधित जातियों को उत्तराखण्ड में अनुसूचित जाति का दर्जा देने, प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक बांग्ला भाषा में शिक्षा व्यवस्था करने, शक्तिफार्म सहित अन्य पुर्नवासित क्षेत्रें में लम्बे समय से लंबित भूमिधरी अधिकार देने व पिछले करीब आठ वर्षों से बंद छात्रवृति व सहायता योजनाओं को दुबारा शुरू करने के समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो समिति द्वारा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। यह धरना देहरादून स्थित सचिवालय के समक्ष किया जाएगा और इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इसके पश्चात हजारों लोगों की विशाल भीड़ रैली के रूप में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची, जहां समिति की ओर से अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि एवं मुख्य विकास अधिकारी को सौंपा गया। सीडीओ ने आश्वासन दिया कि ज्ञापन को मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा जाएगा। महारैली में बंगाली कल्याण समिति के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं आलोक राय, संजय आईच, अर्जुन विश्वास, महताप राय, नरेश साना , डॉ- सुनील हालदार, शुभम दास, एडवोकेट शुभम मंडल, मानवेंद्र राय, सत्यजीत सरकार, तरूण दत्ता, विकास विश्वास, मानस बैरागी, हरिदास मंडल, नारायण हालदार, शम्भू साना, संजय बाछाड़, देबू मंडल, कृष्ण मंडल, सुमित मंडल, त्रिनाथ विश्वास, डा- सुमित राय, हरिदास मंडल, सुभाष व्यापारी, संदीपनी सरकार, अरविन्द राय, अनीमा राय, जगदीश मंडल, सुषमा हालदार, पलास विश्वास, विकास सरकार, मनोज राय, आलोक राय, नित्यानन्द मंडल, सुमित मंडल, नरेश तपाली, आशीष बाला, दीपांकर बैरागी, नारायण सरकार, अमित रक्षित, प्रियजीत राय, तारक मंडल, पवन मंडल, मीना विश्वास, अमिता बरेठा, प्रभावती राय, सीमा सरकार, राधा विश्वास, शर्मिला मंडल, कविता साना, रीता राय, यशोदा विश्वास, उपासना विश्वास, काजल मिस्त्री, बसंती मंडल, कंचन मंडल, जसोदा मंडल, शेफाली विश्वास, स्वर्णमल, सरस्वती विश्वास, अनीमा मंडल, सविता बैरागी, मधुसूदन सरकार, राबिन सिंह, किशोर राय, भवतोष आचार्य, ओमियो विश्वास, सुपद मंडल, असीम मंडल, संजय राय, निर्मल मंडल, सुशांत मंडल, शुभम दास, बलाई मंडल सहित रूद्रपुर, सितारगंज, शक्तिफार्म, दिनेशपुर, गूलरभोज, नानकमत्ता, गदरपुर, किच्छा, खटीमा आदि क्षेत्रें से बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे। महारैली में महिलाओं की भी बड़ी संख्या में भागीदारी रही। विशाल जनसमूह की उपस्थिति ने बंगाली समाज की एकजुटता और अपनी मांगों के प्रति प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया। कार्यक्रम के अंत में महारैली का शांतिपूर्ण ढंग से समापन हुआ। बंगाली कल्याण समिति ने कहा कि समाज अपनी मांगों के समाधान के लिए लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखेगा।

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