August 17, 2026

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हनुमान जी ने जला डाली पापी रावण की लंका

रूद्रपुर। शहर की मुख्य रामलीला में मंगलवार रात्रि अपार जनसमूह उमड़ा। बीती रात श्रीरामलीला में महावीर हनुमान की सम्पाती से भेट, जामवन्त द्वारा हनुमान को उनके बल की याद दिलाना, सीता-रावण संवाद, हनुमान-सीता संवाद, हनुमान का अशोक वाटिका उजाड़ना, हनुमान द्वारा अक्षय कुमार वध, मेघनाथ द्वारा हनुमान को ब्रहृमपाश में बॉधकर रावण दरबार में ले जाना, रावण दरबार में हनुमान- रावण संवाद, हनुमान की पूॅछ में आग लगाना एवं लंका दहन की सुन्दर लीला का मंचन हुआ। रामलीला में नगर के युवा सामाजिक कार्यकर्ता सुशील गाबा ने हनुमान की भूमिका अदा की। इससे पूर्व श्री रामलीला का उद्घाटन समाजसेवी जगदीश टंडन, पूर्व पालिकाध्यक्षा मीना शर्मा, अनिल शर्मा, सुनील शर्मा व कांग्रेस महानगर महामंत्री चन्द्रसेन कोली ने संयुत्तफ़ रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। रामलीला कमेटी ने समस्त आंगतुको को माल्यार्पण कर व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।मुख्य अतिथि मीना शर्मा नें अपने संबोधन में कहा कि आज पूरे देश में श्रीरामलीला व दुर्गा पूजा की धूम मची हुयी है। हमें आज दुर्गा पूजा के अवसर पर समाज में भ्रूण हत्या जैसे पापों के िऽलाफ जनजागृति लानी होगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जेपीएस कलर लैब के स्वामी जगदीश टंडन नें कहा कि प्रभु श्रीराम जी नें रावण का वध कर बुराई पर अच्छाई का संदेश दिया है। हमें उनके जीवन चरित्र से प्रेरणा लेकर समाज में नशे जैसी बुराईयों के िऽलाफ संघर्ष करना होगा। लीला के प्रथम दृश्य में युवराज अंगद के नेतृत्व में हनुमान, जामवन्त, नल-नील सीता जी की ऽोज में आगे बढ़ते है, तभी गिद्धराज सम्पाती उन्हें अपना मिलते है। हनुमान द्वारा संपाती को उनके भाई जटायु की मौत की बात सुन सम्पाती भावुक हो जाता है। और वानरो के भक्षण का इरादा त्याग कर उन्हें बताता है कि समुद्र के पार बसी लंका नगरी में ही माता सीता मौजूद है। लेकिन दक्षिण दिशा में विशाल समुद्र को देऽकर सभी निराशा से भर उठते है। निराश वानर दल को देऽ जामवन्त जी वीर हनुमान को उनके अतुलित बल का स्मरण कराते है। और बताते है कि केवल वही अपने अथाह, आलौकिक अपार बल व दिव्य शत्तिफ़ से यह समुद्र लांघ सकते है। तो पवनसुत हनुमान अपने विराट स्वरूप में आ जाते है। और जय श्रीराम का जयकारा लगाते हुए समुद्र लांघ जाते है। लंका में प्रवेश कर हनुमान अशाोक वाटिका पहुॅचते है। और माता सीता की ऽोज करते समय उन्हे माता सीता दिऽाई पड़ती है, लेकिन तभी लंकापति रावण अशोक वाटिका आ धमकता है। और सीता जी को धमकाते हुए केवल दो माह का समय देते हुए वापिस चला जाता है। हनुमान, प्रभु श्रीराम जी द्वारा निशानी तौर पर दी गयी मुद्रिका को सीता जी को दिऽाते है। और उन्हे आश्वस्त करते है। कि प्रभु श्रीराम अवश्य ही उन्हे रावण के चंगुल से छुड़ा लेगे। हनुमान माता सीता से अशोक वाटिका में लगे फलो को ऽाने व एक लीला करने की आज्ञा मॉगते है और पूरी अशोक वाटिका को तहस-नहस कर देते है। यह समाचार सुनते ही रावण अपने पुत्र अक्षय कुुमार को अशोक वाटिका भेजते हैं तो हनुमान अक्षय कुमार का भी वध कर देते हैं। तिलमिलाया रावण अपने महा पराक्रमी पुत्र मेघनाद को हनुमान की गिरफतारी का आदेश देते है तो मेघनाद हनुमान को ब्रहृमपाश में बॉधकर रावण के सम्मुऽ पेश करते है। इसके बाद लंकापति रावण व महाबली हनुमान में जबरदस्त संवाद होता है। रावण हनुमान को मारने के लिये तलवार उठाता है, लेकिन उनको विभीषण राजनीति की दुहाई देकर रोक लेता है। आिऽरकार रावण हनुमान की पूॅछ में आग लगाने का आदेश देता है। हनुमान अपनी पॅूछ में आग लगते ही उड़ान भरते है और पूरी सोने की लंका को जलाकर राऽ कर देते है। आज महाबली हनुमान की भूमिका में सुशील गाबा, रावण की भूमिका में विशाल भुîóी, सीता की भूमिका में नरेश छाबड़ा, मेघनाद की भूमिका में रमन अरोराघ्घ्, गणेश भगवान की भूमिका में आशीष ग्रोवर, जामवन्त की भूमिका में रोहित ऽुराना, सम्पाती की भूमिका में इदरीश गोला, विभीषण की भूमिका में सचिन आनन्द, छोटे हनुमान की भूमिका में मास्टर भुîóी, नल की भूमिका में मास्टर आयुश्मान गाबा, लंकिनी की भूमिका में अनिल तनेजा, अंगद की भूमिका में मोहन अरोरा ने बहुत ही सुन्दर अभिनय कर उपस्थित हजारो जनता का मन मोह लिया। इस दौरान रामलीला कमेटी के अध्यक्ष पवन अग्रवाल, महामंत्री विजय जग्गा, कोषाध्यक्ष नरेश शर्मा, सुभाष ऽंड़ेलवाल, ओमप्रकाश अरोरा, महावीर आजाद, विजय अरोराघ्, सौरभ राज बेहड़, हरीश धीर, अमित अरोरा बोबी, राकेश सुऽीजा, रामनाटक क्लब के महामंत्री गौरव तनेजा, डायरेक्टर हरीश सुऽीजा, मनोज मुंजाल, आशीष ग्रोवर आशू, संरक्षक मोहन लाल भुîóी, प्रेम ऽुराना, गुरशरण बब्बर शरणी, राजकुमार कक्कड़, केवल आनन्द, संजीव आनन्द, बल्लू घीक, राकेश गंभीर, अमित गंभीर, परमपाल सुऽीजा, हरीश अरोरा, गौरव बेहड़, विजय विरमानी, मनोज गाबा, बिट्टðू ग्रोवर, नोनी ग्रोवर, ओमप्रकाश सलूजा, राजकुमार कोली, अमित चावला, मनोज मुंजाल, अनिल तनेजा, सुभाष तनेजा, मोहन लाल गाबा, पवन गाबा पल्ली, सचिन मुंजाल, सन्नी आहूजा, कपिश सुऽीजा, वीशू गगनेजा, कुंदन सिंह, नीतिश धीर,शिवम जग्गा, कर्मचन्द राजदेव,सचिन तनेजा, आशीष मिडडा, आदि सहित हजारो दर्शक मौजूद थे। संचालन श्रीरामलीला कमेटी के कोषाध्यक्ष नरेश शर्मा ने किया।

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