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तेज हुई ‘पहाड़ पर परचम’ लहराने की ‘सियासी जद्दोजहद’ कांग्रेस और भाजपा के महारथी चढ़े पहाड़

पहाड़ पर पकड़ बनाए रखने की भाजपाई किले बंदी के बीच कांग्रेस की पहाड़ पर दस्तक
देहरादून। सत्ताइस के राजनीतिक महाभारत की बिसात उत्तराखंड के पहाड़ों पर अभी से बिछनी आरंभ हो गई है। कांग्रेस की राज्य प्रभारी कुमारी शैलजा ना केवल पहाड़ पर दस्तक दे दी है, बल्कि इन दिनों गढ़वाल के पहाड़ी रास्तों की खाक भी छान रहीं हैं, दूसरी ओर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्टð भी प्रमुख विपक्षी दल की सम्भावित सेंधमारी को लेकर पहले से ही सतर्क है और उसकी काट के लिए गढ़वाल में जमे हुए हैं। गढ़वाल मंडल में सत्ताधारी भाजपा के समक्ष जहां अपनी किलेबंदी को अभेद बनाए रखने की बड़ी चुनौती है ,वहीं कांग्रेस उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और पौड़ी जैसे पहाड़ी जिलों में शून्य का पहाड़ तोड़ने के लिए कमर कस रही है। ज्ञात हो कि पिछले विधानसभा में चुनाव में उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल ने जहां भाजपा को तकरीबन बहुमत के करीब ला खडा किया था,वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस गढ़वाल मंडल के पौड़ी, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में अपना खाता तक नहीं खोल पाई थी। स्मरणीय है कि बाइस के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने गढ़वाल मंडल की 41 विधानसभा सीटों में से 29 सीटों पर अपना परचम लहराया था और कांग्रेस के हिस्से चमोली, टिहरी, देहरादून में एक-एक और हरिद्वार जिले में पांच सीटें साहित कुल 8 सीट ही आ सकी थीं, शेष चार सीटों में बसपा और निर्दलीय ने कब्जा कर लिया था। जहां तक कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा के गढ़वाल दौरे का सवाल है ,तो वे बदरी-केदार के दर्शन करने के साथ ही पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी में पार्टी की जिला कार्यकारिणी की बैठक ले रही हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने के साथ ही एक विपक्ष के तौर पर मुद्दों को धार देने के तरीके सुझा रही हैं, ताकि आगामी चुनाव में कांग्रेस की जीत सुनिश्चित हो सके। दूसरी तरफ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्टð का दौरा भी पौड़ी से शुरू होकर रुद्रप्रयाग, चमोली होते हुए जोशीमठ के सुदूर क्षेत्रें तक हुआ है। इस दौरान उन्होंने चुनाव प्रबंधन से जुड़े विषयों पर कार्यकर्ताओं से बात की है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का जोर इस बात पर है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में गढ़वाल मंडल अन्तर्गत भाजपा का जो प्रदर्शन था, इस बार उसमें और ऐतिहासिक उछाल लाया गया जाए। खबर है कि इसके लिए पार्टी के अन्य नेता भी जल्द ही गढ़वाल मंडल के सुदूर बूथों का दौरा करने की तैयारी में है। हालांकि विधानसभा चुनाव में अभी समय है ,लेकिन भाजपा और कांग्रेस के दिग्गजों के ताजा राजनीतिक दौरे से पहाड़ की राजनीतिक हवा अभी से गर्म हो चली है।

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