अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई : चौथी बरसी पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
कांग्रेस नेताओं ने भोगपुर तल्ला में धरना-प्रदर्शन कर अंकिता को श्रद्धांजलि अर्पित की, सीबीआई जांच की प्रगति सार्वजनिक करने की मांग
देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड की चौथी बरसी पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं ने भोगपुर तल्ला में धरना-प्रदर्शन कर दिवंगत अंकिता को श्रद्धांजलि अर्पित की। कांग्रेस नेताओं ने मामले की सीबीआई जांच की धीमी गति पर सवाल उठाते हुए जांच की प्रगति और सामने आए तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग की। 18 सितंबर 2026 को देहरादून में भी अंकिता की बरसी पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत, नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता के माता-पिता जिन लोगों के नाम सामने लाकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, उनके संबंध में जांच आगे नहीं बढ़ रही है। गोदियाल ने कहा कि जनवरी 2026 में राज्य सरकार ने अंकिता के माता-पिता की मांग के बाद मामले की सीबीआई जांच की संस्तुति की थी और इसके बाद सीबीआई ने जांच शुरू की, लेकिन कांग्रेस का आरोप है कि कई माह बीतने के बावजूद जांच की प्रगति स्पष्ट नहीं है।गोदियाल ने कहा कि अंकिता की मौत से पहले उसके कथित बयानों में रिसॉर्ट में वीआईपी गेस्ट को लेकर दबाव और अपनी जान को खतरे की बात सामने आई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जांच में इस पहलू को कितनी गंभीरता से शामिल किया गया है। कांग्रेस ने रिसॉर्ट में हुई तोड़फोड़, संभावित साक्ष्यों को नुकसान पहुंचाने और उस दौरान पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की।उन्होंने कहा कि अंकिता के माता-पिता न्याय के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं और कांग्रेस उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि अंकिता को न्याय मिलने तक पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि सरकार और जांच एजेंसियों को मामले में सामने आए सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। कांग्रेस की ओर से इससे पहले भी सीबीआई जांच की प्रगति और जांच में सामने आए महत्वपूर्ण तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग की जा चुकी है।

