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नवंबर-दिसंबर के दो सर्वे तय करेंगे किसे मिलेगा टिकट ? 12 से अधिक विधायकों के कामकाज पर उठे सवाल

2027 का रणः भाजपा में टिकट से पहले प्रदर्शन की अग्निपरीक्षा
देहरादून। उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। पार्टी हाईकमान ने स्पष्ट कर दिया है कि वर्तमान विधायकों को टिकट वितरण का आधार केवल जमीनी प्रदर्शन, विकास कार्यों की प्रगति, जनता के बीच स्वीकार्यता और जीत की संभावना होगी भाजपा नेतृत्व नवंबर और दिसंबर माह में दो बड़े आंतरिक सर्वे कराने जा रहा है। इन सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर मौजूदा विधायकों के टिकट पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। सूत्रें के अनुसार, पार्टी अब तक तीन सर्वे करा चुकी है, जिनमें 12 से अधिक विधायकों के कार्यशैली और जनसंपर्क पर सवाल उठे हैं। हाईकमान ने अपने सभी विधायकों को अक्टूबर तक अपने क्षेत्रें में उल्लेखनीय उपलब्धियां दिखाने, लंबित विकास कार्यों को पूरा कराने और जनता के बीच सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। संगठन का मानना है कि अगले कुछ महीने कई विधायकों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे। पार्टी ने सभी विधायकों को 31 अक्टूबर तक लगातार अपने विधानसभा क्षेत्रें में रहने, जनसमस्याएं सुनने, घोषणाओं को धरातल पर उतारने और विकास योजनाओं की प्रगति की निगरानी करने को कहा है। विधायकों को मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विभागीय अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर लंबित कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जनता के बीच सरकार की सक्रिय छवि प्रस्तुत की जा सके। राजनीतिक गुरुओं का मानना है कि अक्टूबर तक विधायकों के प्रदर्शन, विकास कार्यों की स्थिति और जनता के बीच उनकी सक्रियता ही यह तय करेगी कि 2027 में कौन भाजपा का उम्मीदवार होगा और किसे संगठन बाहर का रास्ता दिखाएगा। स्पष्ट है कि भाजपा इस बार चुनावी तैयारी में कोई जोिखम नहीं लेना चाहती और संगठन ने अभी से हर सीट पर जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। उधर विधायकों की मांग पर राज्य सरकार ने विकास योजनाओं की मंजूरी की प्रक्रिया तेज कर दी है। पिछले एक माह के दिनों में 7300-28 करोड़ की विभिन्न विकास योजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इनमें सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा चार वर्षों में 4,323 घोषणाओं की गई जिसमें से 2,444 पर शासनादेश जारी किए जा चुके हैं, जबकि शेष घोषणाओं पर भी जून तक कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। भाजपा ने उन सीटों पर विशेष फोकस किया है जहां 2022 के चुनाव में बहुत कम अंतर से जीत मिली थी या पार्टी मामूली अंतर से हार गई थी।जसपुर, बाजपुर,श्रीनगर, टिहरी, गदरपुर,खटीमा,किच्छा, नरेंद्रनगर,चकराता, भगवानपुर, पिरान कलियर और धारचूला जैसी सीटों पर संगठन को मजबूत करने और जनाधार बढ़ाने की योजना पर काम हो रहा है। पार्टी के तीन आंतरिक सर्वे में 12 से अधिक विधायकों के प्रदर्शन को लेकर नकारात्मक संकेत मिले हैं। कुछ स्थानों पर विकास कार्यों में सुस्ती, जनता से दूरी और स्थानीय असंतोष की शिकायतें सामने आई हैं। इसी के मद्देनजर संगठन ने ऐसे विधायकों को सुधार का अंतिम अवसर दिया है।

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