डेढ़ करोड़ के हाथी दांत सहित दो तस्कर दबोचे
एसटीएफ और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई,बरामद हुआ करीब आठ किलो का हाथी दांत
शक्तिफार्म (उद संवाददाता)। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स ने वन्यजीव अंगों की तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शातिर तस्करों को दबोचा है। एसटीएफ की कुमाऊं यूनिट और वन विभाग की संयुक्त टीम ने शक्तिफार्म क्षेत्र के अंतर्गत बराकोली रेंज, कल्याणपुर (सितारगंज) से करीब 7 किलो 820 ग्राम वजनी असली हाथी दांत बरामद किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस दुर्लभ हाथी दांत की कीमत लगभग 1-5 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। जानकारी के अनुसार, एसटीएफ को लंबे समय से सितारगंज और शक्तिफार्म के सीमावर्ती क्षेत्रें में वन्यजीव अंगों की अवैध खरीद -फरोख्त की गोपनीय सूचना मिल रही थी। एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस एसएसपी के निर्देशन में कुमाऊं यूनिट ने स्थानीय स्तर पर अपना नेटवर्क सक्रिय किया। सोमवार देर रात मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि दो तस्कर हाथी दांत की बड़ी खेप के साथ किसी पार्टी का इंतजार कर रहे हैं। सूचना मिलते ही एसटीएफ और वन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से घेराबंदी कर चेकिंग अभियान चलाया। टीम ने संदिग्ध हालत में घूम रहे दो युवकों को रोककर उनकी तलाशी ली, तो उनके पास मौजूद बैग से एक विशालकाय हाथी दांत बरामद हुआ। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मृत्युंजय हालदार (32 वर्ष) पुत्र स्व- मनोरंजन हालदार और माणिक मंडल (35 वर्ष) पुत्र स्व- सुधीर मंडल के रूप में हुई है। दोनों आरोपी शक्तिफार्म क्षेत्र के ही निवासी बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि आरोपी लंबे समय से इस अवैध कारोबारसे जुड़े थे और इसे ऊंचे दामों पर बेचने की फिराक में थे। हाथी दांत वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की पहली अनुसूची में शामिल है, जिसका व्यापार करना गैर-जमानती और गंभीर अपराध है। आरोपियों के विरुद्ध बराकोली रेंज में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने यह हाथी दांत कहाँ से प्राप्त किया और इस गिरोह के तार किन-किन सफेदपोशों या बड़े शिकारियों से जुड़े हैं। एसटीएफ की इस सफलता से वन्यजीव तस्करों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अब उन खरीदारों की भी तलाश कर रही है जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन अंगों की सप्लाई करते हैं। इस सफल ऑपरेशन में एसटीएफ कुमाऊं यूनिट और वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की मुख्य भूमिका रही, जिनकी सराहना एसएसपी एसटीएफ द्वारा की गई है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस गिरोह से जुड़े कुछ और बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।
