फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले में दो और गिरफ्तार
सितारगंज और रुद्रपुर में देर रात दबिश,दो पिस्टल व 31 कारतूस बरामद
रूद्रपुर(उद संवाददाता)। उत्तराखंड में फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के अभियान में स्पेशल टास्क फोर्स को एक और बड़ी सफलता मिली है। देर रात सितारगंज और रुद्रपुर क्षेत्र में की गई ताबड़तोड़ कार्रवाई के दौरान एसटीएफ ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से दो सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और 31 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई के साथ ही फर्जी शस्त्र लाइसेंस प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। बता दें एसटीएफ राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की वैधता और सत्यता की व्यापक जांच कर रही है। इसी जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर चार जून 2026 को काशीपुर कोतवाली में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बाद एसटीएफ लगातार इस संगठित नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। मामले की विवेचना के दौरान शुक्रवार देर रात वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ के निर्देशन में टीम ने ऊधम सिंह नगर जिले के सितारगंज और रुद्रपुर क्षेत्र में दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान करनजीत सिंह पुत्र नाजर सिंह निवासी ग्राम भुड़िया कॉलोनी, थाना बहेड़ी, जनपद बरेली, हाल निवासी एवं संचालक सरदार जी रेस्टोरेंट, सितारगंज तथा विक्रमजीत सिंह तूर पुत्र अजयपाल सिंह निवासी मंडी के निकट, सितारगंज के रूप में हुई है। एसटीएफ ने आरोपियों के कब्जे से एक -30 बोर सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, एक -32 बोर सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल तथा -30 और -32 बोर के कुल 31 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। बरामद हथियारों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने बताया कि वर्ष 2026 की शुरुआत से ही राज्य में फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों तथा कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से अवैध शस्त्र लाइसेंस तैयार करने वाले गिरोहों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पिछले लगभग एक माह से एसटीएफ की टीमें पूरे नेटवर्क की परत दर परत जांच कर रही थीं। जांच रिपोर्ट और एकत्रित साक्ष्यों के आधार पर काशीपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया, जिसके बाद लगातार प्रभावी कार्रवाई करते हुए इस गिरोह का खुलासा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों का यह नेटवर्क केवल कानून का उल्लंघन नहीं बल्कि समाज और राज्य की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। एसटीएफ इस पूरे नेटवर्क की तह तक जाएगी और जांच में जिस किसी व्यक्ति, दलाल, लाइसेंस धारक अथवा सहयोगी की संलिप्तता सामने आएगी, उसके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। एसटीएफ के अनुसार अब तक इस अभियान के तहत राज्य के विभिन्न जनपदों में तीन मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। कार्रवाई के दौरान नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इसके अलावा 14 अवैध शस्त्र, 341 जिंदा कारतूस तथा बड़ी संख्या में संदिग्ध और फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई में एसटीएफ निरीक्षक अरुण कुमार, निरीक्षक एमपी सिंह, उपनिरीक्षक जगदीप नेगी, उपनिरीक्षक प्रकाश भगत, अपर उपनिरीक्षक सत्येंद्र गंगोला, हेड कांस्टेबल मनोज बवाड़ी, कांस्टेबल रवि बोरा, हेड कांस्टेबल गोविंद बिष्ट, कांस्टेबल गुरवंत सिंह, हेड कांस्टेबल सुरेंद्र कनवाल, हेड कांस्टेबल मोहित वर्मा तथा हेड कांस्टेबल चालक संजय कुमार शामिल रहे।
