मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं में होगा सुधार, महापौर ने किया निरीक्षण
– महापौर विकास शर्मा ने अधिकारियों के साथ की बैठक
रुद्रपुर। पंडित राम सुमेर शुक्ल स्मृति मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा सुविधाओं को लेकर मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए महापौर विकास शर्मा ने गुरुवार को मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद कॉलेज प्रबंधन और चिकित्साधिकारियों के साथ बैठक कर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने को लेकर व्यापक चर्चा की। महापौर ने स्पष्ट कहा कि मेडिकल कॉलेज में मूलभूत चिकित्सा सुविधाओं में कमी नहीं होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान महापौर ने अस्पताल के विभिन्न हिस्सों का जायजा लिया और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ- सीपी भैसोड़ा, डॉ- राजीव, डॉ- शाही, डा- अजय शर्मा समेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में अस्पताल की वर्तमान व्यवस्थाओं, उपलब्ध संसाधनों, चिकित्सा सेवाओं और भविष्य में सुविधाओं के विस्तार को लेकर चर्चा की गई। महापौर विकास शर्मा ने कहा कि जिला मुख्यालय पर स्थित जिला अस्पताल से जिले के लोगों को काफी उम्मीदें रहती हैं। उधमसिंह नगर के विभिन्न क्षेत्रें और स्वास्थ्य केंद्रों से गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए यहां रेफर किया जाता है। अब जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं को धीरे धीरे मेडिकल कॉलेज में स्थानांतरित किया जा रहा है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करना और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। मेडिकल कालेज में शिक्षण कार्य शुरू करने की चल रही प्रक्रिया के बीच चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही है, जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में अभी चिकित्सा शिक्षा की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है और इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया चल रही है। इसके साथ ही यहां चिकित्सा सेवाओं को दुरुस्त करने पर भी गंभीरता से काम किया जाना चाहिए, ताकि जिले और आसपास के क्षेत्रें से आने वाले मरीजों को उपचार के लिए अनावश्यक रूप से दूसरे शहरों की ओर रेफर न होना पड़े। महापौर ने गुरूवार को हादसे में घायल युवक को समुचित उपचार नहीं मिल पाने के कारण उसकी मृत्यु पर चिंता और खेद भी प्रकट किया। उन्होंने मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी सेवाएं, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, ऑपरेशन जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं को चरणबद्ध तरीके से मजबूत करने पर जोर दिया। सबसे अधिक जरूरत इमरजेंसी सेवाएं को ठीक करने की है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने के साथ ही जहां अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता है, उनकी व्यवस्था के लिए ठोस प्रस्ताव तैयार किए जाने चाहिए। महापौर ने कहा कि चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने में नगर निगम अथवा जिला प्रशासन के स्तर से जिस भी सहयोग की आवश्यकता होगी, वह उपलब्ध कराया जाएगा। सीएसआर से भी प्रयास किये जायेंगे। आवश्यकता पड़ने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी वार्ता कर मेडिकल कॉलेज के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। महापौर ने कहा कि धामी सरकार प्रदेश के प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति को बेहतर और सुलभ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्थाओं में जो भी कमियां हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। बैठक के बाद महापौर ने कहा कि आज निरीक्षण और बैठक के दौरान जो भी कमियां सामने आयी हैं उन्हे दुरूस्त करने के लिए प्रभावी प्रयास किये जायेंगे, मुख्यमंत्री से भी वार्ता की जायेगी। जल्द ही अस्पताल की व्यवस्थायें दुरूस्त होंगी। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के पूरी तरह विकसित होने के साथ ही यह क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। इसके लिए चिकित्सा शिक्षा के साथ साथ उपचार की सुविधाओं को भी समान रूप से मजबूत करने की जरूरत है।
