भवाली-दुनिखाल सड़क हादसे की होगी मजिस्ट्रियल जांच
पांच लोगों की मौत के मामले में प्रशासन सख्त, 8 जून तक आमजन से मांगे गए साक्ष्य
नैनीताल । भवाली सैनेटोरियम से दुनिखाल मोटर मार्ग पर सिरोड़ी के तोक उगियार के समीप हुए दर्दनाक सड़क हादसे के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इस दुर्घटना में वाहन संख्या यूपी 33 क्यूयू 1874 के गहरी खाई में गिरने से पांच लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है। जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रयाल ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच का उद्देश्य दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाना, किसी भी तकनीकी अथवा मानवीय लापरवाही की जांच करना तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाना है। जिला प्रशासन के निर्देश पर उप जिलाधिकारी श्री केंचीधाम स्तर से जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने आम जनता से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यदि किसी व्यक्ति के पास दुर्घटना से संबंधित कोई जानकारी, साक्ष्य अथवा अपना पक्ष हो तो वह 8 जून 2026 तक किसी भी कार्य दिवस में उप जिलाधिकारी कार्यालय श्री केंचीधाम पहुंचकर अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकता है। जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए संबंधित विभागों को भी आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी हल्द्वानी को वाहन और दुर्घटना से संबंधित तकनीकी जांच रिपोर्ट सहित निर्धारित बिंदुओं पर विस्तृत आख्या एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी नैनीताल को मृतकों से संबंधित समस्त चिकित्सीय अभिलेख और कार्रवाई का विवरण उपलब्ध कराने को कहा गया है। वहीं पुलिस क्षेत्राधिकारी भवाली को प्रथम सूचना रिपोर्ट, पंचनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल की रिपोर्ट तथा अन्य तकनीकी विवरण निर्धारित समयसीमा में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को भी दुर्घटनास्थल और मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्थाओं जैसे क्रैश बैरियर, साइन बोर्ड और अन्य सुरक्षा उपायों की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। साथ ही तहसीलदार श्री केंचीधाम को इस संबंध में सूचना का व्यापक प्रचार प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच का उद्देश्य केवल हादसे के कारणों की पड़ताल करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करना और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाना भी है। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे जांच में सहयोग कर सच्चाई सामने लाने में मदद करें, ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके।
