नगरासू क्षेत्र में माहौल 24 घंटे से तनावपूर्ण : गुरुद्वारा की छत में चढ़े कुछ निहंग सिख पारंपरिक निहंग संगठनों से संबद्ध नहीं : बेहंत सिंह
डीएम विशाल मिश्रा,एसपी और आईटीबीपी की टीमें निहंगों को बाहर निकालने की कोशिश में जुटी,गृह सचिव शैलेश बगोली ने बयान जारी किया
रूद्रप्रयाग। नगरासू क्षेत्र में माहौल अभी भी तनावपूर्ण बना हुआ है। बीते 24 घंटे से निहंग सिख तीर्थयात्री गुरुद्वारे में डटे हुए हैं। वहीं, एक 55 वर्षीय सिख यात्री के कथित अपहरण की सूचना से चिंता और बढ़ गई है। गुरूद्वारा में कब्जे को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए गुरुद्वारा संचालक बेहंत सिंह ने कहा कि वह इन लोगों को नहीं जानते है। नगरासू स्थित गुरुद्वारा लंगर धाम साहिब के संचालक बेहंत सिंह ने पत्रकार वार्ता में दावा किया कि गुरुद्वारे में मौजूद कुछ निहंग सिख पारंपरिक निहंग संगठनों से संबद्ध नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में भय का माहौल बनाया जा रहा है। गुरुद्वारा की छत में चढ़े ये निहंग सिख फर्जी है। उन्होंने बताया कि इन लोगों कई बार विनती की गई लेकिन नहीं मान रहे हैं। गुरूद्वारा में तोड़फोड कर नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द बनाये रखे । वह इन लोगों समझाने का प्रयास कर रहे हैं। ये लोग माहौल खराब करना चाहते हैं।कर्णप्रयाग में 16 जून को हुए विवाद के बाद निहंग सिख यात्रियों ने कर्णप्रयाग मामले में गिरफ्तार साथियों की रिहाई की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने पर देशभर से बड़ी संख्या में निहंग सिख उत्तराखंड पहुंचेंगे। दूसरी ओर, गुरुद्वारा संचालक बेहंत सिंह ने छत पर मौजूद निहंगों को फर्जी बताते हुए कहा कि वे उन्हें नहीं जानते हैं। उनका आरोप है कि गुरुद्वारे में तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया गया और माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है।शनिवार को स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब कुछ निहंग गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि निहंगों ने गुरुद्वारे के सेवादार और एक बाबा के साथ मारपीट की तथा एक व्यक्ति को कुछ समय तक बंधक बनाकर रखा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उनके हाथों में पत्थर भी थे, जिससे आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बन गया।हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और आईटीबीपी की टीमें लगातार मौके पर तैनात हैं। जिला अधिकारी विशाल मिश्रा और पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर के साथ दो दौर की वार्ता भी हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। वार्ता विफल होने के बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके से लौट गए, जबकि गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के सदस्य निहंगों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुरेश बलूनी ने बताया कि गुरुद्वारे में कुल आठ लोग मौजूद हैं, जिनमें सात निहंग शामिल हैं। उन्हें शांतिपूर्वक बाहर निकालने के प्रयास जारी हैं। सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल और आईटीबीपी के जवान तैनात किए गए हैं तथा इंटरनेट सेवाएं भी प्रभावित हैं।इस मामले पर राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति या संगठन को मामले को सांप्रदायिक रंग देकर माहौल बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। गृह सचिव शैलेश बगोली ने कहा कि प्रारंभिक जांच में मामला दो पक्षों के बीच विवाद और भावनात्मक आवेश से जुड़ा प्रतीत होता है। मामले में सरकार ने चेतावनी दी है कि इसे सांप्रदायिक रंग देकर माहौल खराब करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले में आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप विस्तृत जांच करेंगे। इस संबंध में शनिवार को गृह सचिव शैलेश बगोली ने बयान जारी किया है। सचिव बगोली ने कहा कि प्रारंभिक जांच में मामला दो पक्षों के बीच हुए विवाद और भावनात्मक आवेश से जुड़ा हुआ है। देवभूमि उत्तराखंड की पहचान सभी धर्मों और आस्थाओं के प्रति सम्मान, शांति और सौहार्द की रही है। राज्य सरकार किसी भी स्थिति में इस सामाजिक समरसता को प्रभावित नहीं होने देगी। उन्होंने बताया कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए आईजी गढ़वाल को निर्देश दिए गए हैं। सभी पक्षों को सुनने के बाद तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही एडीजी लॉ एंड ऑर्डर से पूरे प्रकरण की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी गई है। यात्रियों और श्रद्धालुओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए शिकायत निवारण व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। वर्तमान में संचालित चारधाम सेल को हेमकुंड साहिब यात्रा से भी जोड़ा जाएगा और यात्रा अवधि के दौरान यह व्यवस्था चौबीसों घंटे कार्य करेगी।
