September 12, 2026

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मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान

देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से प्रदेश में एक माह तक सेवा संकल्प अभियान आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में पत्रकार वार्ता में बताया कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान में सेवा, जनभागीदारी, संवाद और नवाचार को केंद्र में रखते हुए नागरिकों को ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जोड़ा जाएगा। अभियान के तहत प्रदेशभर में 11 प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान में विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, लाभार्थियों, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों को जन जन तक पहुंचाने तथा केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से लोगों के जीवन में आए वास्तविक बदलाव को सामने लाने पर भी जोर रहेगा। लाभार्थियों की सफलता की कहानियों को भी अभियान के माध्यम से प्रमुखता से साझा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत सरकारी योजनाओं के केंद्रों, गैस वितरण केंद्रों, राशन की दुकानों, प्रमुख धार्मिक स्थलों और गंगा तट सहित विभिन्न स्थानों पर दीप प्रज्वलन और सामूहिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नए मेडिकल कॉलेज, बांध, पुल, अमृत सरोवर और जन औषधि केंद्र जैसे विकास कार्यों से जुड़े स्थलों पर भी कार्यक्रम होंगे। इनमें विभिन्न सामाजिक संगठनों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। ‘मेरे सपनों का भारत, चित्र सेवा’ कार्यक्रम के तहत प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों में ‘विकसित भारत’ के संकल्प और पिछले 25 वर्षों के कार्यों तथा उपलब्धियों पर आधारित चित्रकला, निबंध और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। चयनित चित्रों को विद्यालयों में प्रदर्शित किया जाएगा तथा इन प्रदर्शनियों से अभिभावकों और आम नागरिकों को भी जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘नमो सेवा, अनकही कहानियां’ कार्यक्रम के तहत देश की उपलब्धियों पर आधारित नाटकों का विद्यालयों में मंचन किया जाएगा। वहीं ‘आंगन मिलन सेवा’ के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों, अभिभावकों, आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं की सहभागिता से विभिन्न गतिविधियां आयोजित होंगी। इनमें मातृ एवं बाल स्वास्थ्य, पोषण तथा मातृ शिशु कल्याण से जुड़ी जानकारी पर विशेष जोर रहेगा। अभिभावकों को व्यक्तिगत रूप से कार्यक्रमों के लिए आमंत्रित किया जाएगा। ‘सेवा की कहानियां’ कार्यक्रम के माध्यम से राष्ट्रीय और राज्य की योजनाओं से लोगों के जीवन में आए वास्तविक बदलावों को सामने लाया जाएगा। भाषण, चित्रकला और लाभार्थियों की कहानियों के माध्यम से इन बदलावों को जनता तक पहुंचाया जाएगा। इसी क्रम में ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ के तहत किसी प्रमुख चौराहे पर ‘विकसित भारत 2047’ से संबंधित कलश स्थापित करने की योजना है। कलश यात्रा के साथ साइकिल और बाइक यात्रा भी आयोजित की जाएगी। ‘सेवा, मेरा योगदान’ कार्यक्रम के जरिये नागरिकों को वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, शिक्षण कार्य और अन्य समाजोपयोगी गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य लोगों को केवल दर्शक के रूप में नहीं, बल्कि अभियान के सक्रिय भागीदार के रूप में जोड़ना है। ‘सेवा सेतु अभियान’ के अंतर्गत ‘जन जन की सरकार, जन जन के द्वार’ कार्यक्रम के तहत शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी देने के साथ स्वास्थ्य तथा बहुउद्देशीय शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ कार्यक्रम में रंगोली के माध्यम से ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना को प्रदर्शित किया जाएगा। वहीं ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ के तहत केंद्र और राज्य सरकार के विभागों को जोड़कर वास्तविक जीवन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए नवाचारों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए प्प्ज्ए प्प्ड और विशेषज्ञों को ज्यूरी तथा मेंटर के रूप में जोड़ने की योजना है। चयनित नवाचारों को संरक्षण, मार्गदर्शन और परीक्षण की सुविधा देने के साथ अनुमोदन, परीक्षण तथा नियामकीय सहयोग के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की परिकल्पना की गई है। ‘सुशासन सेवा संवाद’ के तहत सेवा और सुशासन के विषय पर जनप्रतिनिधियों के साथ व्यापक संवाद किया जाएगा। अभियान के दौरान आयोजित कार्यक्रमों के फोटो, वीडियो, लाभार्थियों के अनुभव और सकारात्मक बदलाव की कहानियों को मीडिया के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को केवल प्रदर्शित करना नहीं है, बल्कि सेवा, संवाद, नवाचार और जनभागीदारी के माध्यम से नागरिकों को ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प का सक्रिय सहभागी बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव रहा है और देवभूमि उनके मन में विशेष स्थान रखती है।

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