पुलिस ने विक्रांत हत्याकांड में छह आरोपियों को किया गिरफ्तार
रुद्रपुर । किच्छा के महराया रोड स्थित लालपुर में हुए चर्चित विक्रांत उर्फ बागी हत्याकांड में पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए पूरे घटनाक्रम में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अपचारी किशोरों को संरक्षण में लिया गया है। वहीं, हत्याकांड में प्रकाश में आए दो अन्य आरोपियों को उत्तर प्रदेश भागने की फिराक में रुद्रपुर पुलिस ने बॉर्डर चेकिंग के दौरान दो अवैध तमंचों और दो जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया। इस तरह हत्याकांड में अब तक छह आरोपियों पर पुलिस कार्रवाई हो चुकी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी सितारगंज के पर्यवेक्षण में गठित पुलिस टीमों ने घटना के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्रतारी के लिए लगातार अभियान चलाया। पुलिस के अनुसार 25 जून की शाम महराया रोड स्थित लालपुर में विक्रांत उर्फ बागी को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। इस मामले में कंचन पत्नी विकास निवासी हरि मंदिर गली, रुद्रपुर की तहरीर पर कोतवाली किच्छा में मुकदमा दर्ज किया गया। विक्रांत की मौत के बाद मुकदमे में हत्या सहित अन्य गंभीर धाराएं भी जोड़ दी गईं। घटना के बाद पुलिस ने पहले वरुण कुमार निवासी रामेश्वरपुर और सुशील निवासी शिमला पिस्तौर को गिरफ्रतार कर जेल भेजा, जबकि मुख्य आरोपी बंटी ठाकुर उपचाराधीन है। इसके बाद पुलिस ने दीपक पुत्र श्यामलाल निवासी खमरिया रोड, लालपुर तथा विजय प्रताप पुत्र राम प्रसाद निवासी रामेश्वरपुर को गिरफ्रतार कर लिया। साथ ही घटना में शामिल दो अपचारी किशोरों को भी संरक्षण में लिया गया। इसी बीच वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जनपद में चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत रुद्रपुर पुलिस द्वारा बॉर्डर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान सूचना मिली कि हत्याकांड में प्रकाश में आए सिप्पी सागर उर्फ राजीव सागर और अंकित सागर उर्फ गट्टी मोटरसाइकिल से उत्तर प्रदेश भागने की कोशिश कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस ने ब्लॉक रोड पर घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्रतार कर लिया। तलाशी में सिप्पी सागर उर्फ राजीव सागर के कब्जे से एक देशी तमंचा 315 बोर और दो जिंदा कारतूस तथा अंकित सागर उर्फ गट्टी के कब्जे से एक देशी तमंचा 315 बोर बरामद किया गया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे पूर्व में भी हत्या के प्रयास सहित कई आपराधिक मामलों में जेल जा चुके हैं। पुलिस के अनुसार दोनों सोशल मीडिया पर आपराधिक गतिविधियों से जुड़े वीडियो भी अपलोड करते थे तथा क्षेत्र में कई विवादों में शामिल रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में गिरफ्रतार आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। फरार अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है तथा पूरे घटनाक्रम में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इस कार्रवाई में कोतवाली किच्छा के प्रभारी निरीक्षक रवि कुमार, वरिष्ठ उपनिरीक्षक अनुराग सिंह, उपनिरीक्षक दीपक जोशी, पवन जोशी, बसंत प्रसाद, अपर उपनिरीक्षक संतोष उप्रेती, जगदीश महेरा, हेड कांस्टेबल प्रभात चौधरी, कांस्टेबल दीपक बोरा, त्रिलोक सिंह तथा कोतवाली रुद्रपुर के प्रभारी निरीक्षक प्रकाश दानू, चौकी प्रभारी बाजार प्रदीप कुमार, चौकी प्रभारी रम्पुरा पंकज कुमार, कांस्टेबल मोहन खाती और दीपक कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

