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विधायक पांडेय स्थिति करें स्पष्ट,भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व सख्त

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के फोन करने पर विधायक पांडे का फोन मिला बंद,नहीं हुई बातचीत
देहरादून। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित पत्र ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। गदरपुर विधायक अरविंद पांडेय के नाम से प्रसारित इस पत्र को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने सख्त रुख अपनाते हुए उनसे पूरे प्रकरण पर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने मामले को गंभीर बताते हुए स्वयं विधायक से संपर्क साधने का प्रयास किया, हालांकि फोन बंद होने के कारण उनसे बातचीत नहीं हो सकी। यह मामला केवल प्रदेश संगठन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने भी वायरल पत्र का संज्ञान लिया है। बताया जा रहा है कि केंद्रीय स्तर से पार्टी नेतृत्व ने इस प्रकरण पर रिपोर्ट तलब की है और स्थिति की सच्चाई जानने के लिए आंतरिक स्तर पर पड़ताल शुरू कर दी गई है। पार्टी यह जानना चाहती है कि पत्र वास्तविक है या किसी  राजनीतिक षडड्ढंत्र के तहत तैयार कर वायरल किया गया है। आपको बता दे कि शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर विधायक अरविंद पांडेय के नाम से एक पत्र तेजी से वायरल हुआ। पत्र के सार्वजनिक होते ही राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे को हाथोंहाथ लेते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि यदि यह पत्र वास्तविक है, तो यह सरकार के भीतर असंतोष को दर्शाता है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और सच्चाई जनता के सामने लाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा को इस पर स्पष्ट स्थिति रखनी चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्टð ने स्पष्ट किया कि पार्टी कार्यालय को ऐसा कोई पत्र आधिकारिक रूप से प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है। भट्टð ने कांग्रेस से भी सवाल करते हुए कहा कि जिस पत्र का हवाला दिया जा रहा है, उसके प्रमाण सार्वजनिक किए जाएं। उन्होंने यह भी दोहराया कि यदि कोई फर्जी या भ्रामक पत्र जानबूझकर वायरल किया गया है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही विधायक अरविंद पांडेय को निर्देशित किया गया है कि वे जल्द से जल्द मीडिया और पार्टी मंच पर आकर पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करें, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रांतियों को दूर किया जा सके। सूत्रें का कहना है कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश संगठन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। केंद्रीय स्तर पर यह भी देखा जा रहा है कि कहीं यह मामला पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने की साजिश तो नहीं है। पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखने और किसी भी प्रकार की गलत सूचना पर अंकुश लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के संकेत दिए गए हैं। अब तक इस पूरे मामले में विधायक अरविंद पांडेय की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। उनकी चुप्पी के चलते राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म है। विभिन्न स्तरों पर इस बात को लेकर चर्चा हो रही है कि आिखर पत्र की वास्तविकता क्या है और इसके पीछे की मंशा क्या हो सकती है। इस प्रकरण ने प्रदेश की सियासत को एक बार फिर गर्मा दिया है। जहां एक ओर विपक्ष इसे सरकार के अंदरूनी मतभेदों का संकेत बता रहा है, वहीं भाजपा इसे साजिश करार देते हुए तथ्यों के सामने आने का इंतजार कर रही है। भाजपा ने अंत में स्पष्ट किया है कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और किसी भी तरह के भ्रम या अफवाह को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्टी नेतृत्व ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता प्रदेश व देश के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं और संगठन की एकता सर्वाेपरि है

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