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मेयर की दो टूकः संघ को बदनाम न करें,स्कूल सुरक्षित है

बोले-शहर की सामाजिक संस्थाओं का बुरा हाल, एक व्यक्ति के इशारेे पर चल रही है शहर की सामाजिक संस्थाएं
रुद्रपुर। जनता इंटर कॉलेज के पास स्थित सरकारी भूमि को लेकर उठे विवाद के बीच मेयर विकास शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्कूल को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाया गया है और नगर निगम ने केवल सरकारी भूमि को अपने कब्जे में लिया है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई उनके व्यक्तिगत निर्णय से नहीं, बल्कि जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर निगम क्षेत्र की सरकारी भूमि को सुरक्षित और संरक्षित करने के अभियान के तहत की गई है। शुक्रवार को जनता इंटर कॉलेज के प्रबंध वर्ग और समाज के वरिष्ठ लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने इस विषय को लेकर मेयर विकास शर्मा से मुलाकात की। बातचीत के दौरान ज्ञापन में आरएसएस का उल्लेख देख मेयर ने नाराजगी जताते हुए कहा, संघ को बदनाम करने का प्रयास न करें। जिस कार्यक्रम का हवाला दिया जा रहा है, वह वर्ष 2017 के बाद आयोजित ही नहीं हुआ। लेकिन जबरदस्ती आप लोगों द्वारा इसको तूल देकर समाज में भ्रम फैलाया जा रहा है जिसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा मेयर ने साफ शब्दों में कहां कि स्कूल को बिल्कुल नहीं छेड़ा गया है और न ही वे स्कूल के संचालन में किसी प्रकार का हस्तक्षेप करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, यदि केवल जनता इंटर कॉलेज की बात की जाएगी तो शहर में अन्य कई विद्यालय भी हैं। मेरा उद्देश्य किसी स्कूल को प्रभावित करना नहीं है, लेकिन सरकारी भूमि की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने प्रतिनिधि मंडल से दो टूक कहा कि यदि अनावश्यक दबाव बनाया गया और जनहित में कठोर निर्णय लेने की आवश्यकता पड़ी, तो वे उससे भी पीछे नहीं हटेंगे। मेरे लिए सबसे पहले शहर और समाज का हित है। मेयर ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने स्कूल के शौचालय तक पहुंच के लिए रास्ता खोलने का अनुरोध किया था, जिसे तत्काल प्रभाव से खुलवा दिया गया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित भूमि नगर निगम के कब्जे में ही रहेगी और आगे जो भी निर्णय होगा, वह जनहित को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। विकास शर्मा ने कहा कि समाज में इस मामले को जबरन स्कूल की भूमि से जोड़कर भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने दोहराया कि स्कूल सुरक्षित है और विद्यार्थियों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मेयर ने प्रतिनिधि मंडल से कहा कि सामाजिक संस्थाओं में युवाओं और समाज के सभी वर्गों को नेतृत्व का अवसर मिलना चाहिए। शहर की संस्थाएं किसी एक व्यक्ति के इशारे पर नहीं चल सकतीं। उनमें पारदर्शिता और जवाबदेही आवश्यक है। इन संस्थाओं में समाज के सभी लोगों को शामिल किया जाए, ताकि समाज में एक अच्छा संदेश भी जाए। उन्होंने कहा कि नगर निगम के पास विकास कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। यदि संस्थाएं बेहतर परियोजनाएं प्रस्तुत करें तो सार्वजनिक स्थलों को आधुनिक रूप दिया जा सकता है।

शहर की संस्थाओं की दुर्दशा पर जमकर निकाली भड़ास

रुद्रपुर। मेयर ने कहा कि शहर की कई सामाजिक और सार्वजनिक संस्थाएं लंबे समय से उपेक्षा का शिकार हैं। उन्होंने श्मशान घाट, रामलीला मैदान और अन्य सार्वजनिक स्थलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन स्थानों के विकास के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने प्रतिनिधि मंडल के लोगों से पड़ोसी नगर गदरपुर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां का श्मशान घाट आधुनिक सुविधाओं के कारण एक आदर्श स्थल बन चुका है। मेयर ने श्री रामलीला मैदान में विवाह समारोहों के लिए 21 हजार से 31 हजार रुपये तक शुल्क लिए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि गरीब परिवारों के लिए इतनी बड़ी राशि देना कठिन है। शुल्क व्यवस्था में पारदर्शिता और सामाजिक संवेदनशीलता होनी चाहिए। मेयर ने कहा, मैं भी इसी शहर का नागरिक हूं और जनता के सहयोग से महापौर बना हूं। मेरा दायित्व किसी व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाना नहीं, बल्कि पूरे शहर के हित में निष्पक्ष निर्णय लेना है। मेयर के इस स्पष्ट बयान के बाद जनता इंटर कॉलेज के पास सरकारी भूमि को लेकर चल रहे विवाद पर नगर निगम का पक्ष सामने आ गया है। उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि शहरहित और सामाजिक सरोकार उनके लिए सर्वाेपरि हैं।

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