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लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित,चारधाम यात्रा के संचालन पर अस्थायी रोक

11 जिलों के 12वीं तक के स्कूलों में अवकाश,कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया, मालदेवता में भारी भूस्खलन
देहरादून। प्रदेश में लगातार हो रही भारी वर्षा, भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी रेड एवं ऑरेंज अलर्ट तथा चारधाम यात्रा मार्ग के विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए आज एहतियातन चारधाम यात्रा का संचालन अस्थायी रूप से कुछ समय के लिए रोकने का निर्णय लिया गया है। गढ़वाल मंडल आयुक्त ने संबंधित जिलाधिकारियों एवं अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्गों पर मौजूद तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया जाए तथा मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही आगे की यात्रा कराई जाए। साथ ही मीडिया एवं अन्य माध्यमों से जनसामान्य और तीर्थयात्रियों तक समय पर सही जानकारी पहुंचाने के भी निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय केवल यात्रियों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए वर्तमान मौसम एवं मार्ग की स्थिति के मद्देनजर एहतियाती उपाय के रूप में लिया गया है। मार्ग सुरक्षित होने और परिस्थितियां सामान्य होने पर यात्रा का संचालन पुनः शुरू किया जाएगा। प्रदेश में भारी वर्षा के अलर्ट को देखते हुए सोमवार को 11 जिलों के 12वीं तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। विभिन्न हिस्सों में सुबह से वर्षा का क्रम जारी है। प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें और मौसम और मार्ग की स्थिति सामान्य होने तक संबंधित जिला प्रशासन के निर्देशों को मानें। आज भी उत्तराखंड के अधिकतर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने जारी किया है। 20 जुलाई के लिए कई जगहों पर रेड अलर्ट जारी किया है। ऐसे में प्रशासन ने भी लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और एलर्ट रहने की अपील की है। मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों के लिए आने वाले दिनों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी है। 20 से 22 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी की है। 20 जुलाई को देहरादून, हरिद्वार और टिहरी के कुछ क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। जहां भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा होने की संभावना है। वहीं देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, टिहरी, उत्तरकाशी एवं पौड़ी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 21 जुलाई को देहरादून एवं बागेश्वर जनपद में भारी से बहुत भारी वर्षा और आकाशीय बिजली के साथ बहुत ही तीव्र वर्षा की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जबकि टिहरी, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, नैनीताल, चमोली एवं पिथौरागढ़ जनपदों में भारी वर्षा की संभावना के कारण येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा।22 जुलाई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ जनपदों में भारी वर्षा की संभावना के दृष्टिगत येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली एवं तेज वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है। सचिव आपदा प्रबंधन व पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने, जिला आपदा परिचालन केंद्रों को 24×7 सक्रिय रखने, राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखने तथा भूस्खलन संभावित मार्गों पर आवश्यक मशीनरी एवं संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। देहरादून में औसतन 39.05 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। बारिश के चलते मालदेवता-सिल्ला मोटर मार्ग के किमी 6.125 पर रविवार रात भारी भूस्खलन हुआ, जिससे मार्ग बाधित हो गया। सूचना मिलते ही प्रशासन ने दोनों ओर से जेसीबी मशीनें लगाकर मलबा हटाने का कार्य शुरू कराया। रूद्रप्रयाग- मौसम विभाग के अलर्ट के बीच सोमवार को रूद्रप्रयाग जिले में बारिश का दौर जारी है। रूद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन रजवार ने बताया कि जिले में सभी आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट मोड पर हैं। जिला औरब्लॉक स्तर पर आपातकालीन कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। उधर, जिले में बीते 24 घंटे में ऊखीमठ में 77 मिमी, जखोली में 53 मिमी और रुद्रप्रयाग में 22 मिमी वर्षा दर्ज की गई। हालांकि अलकनंदा, मंदाकिनी, गंगानगर और गौरीकुंड में नदियों का जलस्तर फिलहाल सामान्य बना हुआ है। अलकनंदा का जलस्तर 625 मीटर ;चेतावनी स्तर 626 मीटरद्ध और मंदाकिनी का 624.15 मीटर ;चेतावनी स्तर 625 मीटरद्ध दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर से नीचे है। वहीं, चिरबासा के पास हटाया गया बोल्डर हटने के बाद केदारनाथ पैदल मार्ग पूरी तरह सुचारू है। घोड़ा-खच्चर और पालकी संचालन भी सामान्य रूप से जारी है। यमुनोत्री।-यमुनोत्री घाटी में मध्य रात्रि से लगातार हो रही बारिश के चलते यमुनोत्री हाईवे स्याना चट्टी सहित कई स्थानों पर मलबा और पत्थर आने से आवाजाही बंद हो गई है। लगातार बारिश के कारण सड़क खोलने का कार्य भी प्रभावित हो रहा है। वहीं कर्णप्रयाग सिमली मार्ग पर भी बोल्डर गिर गए। नारायणबगड़ के थरालीबगड़ बाजार में एक बार फिर मलबा घुसने से हाईवे बाधित हो गया, जिसे बीआरओ ने सोमवार सुबह मलबा हटाकर खोल दिया। बारिश के साथ बहकर आया मलबा कई दुकानों में घुस गया, जबकि सरकारी राशन गोदाम में भी आंशिक रूप से मलबा पहुंचा है। अस्पताल के आगे और जीत सिंह मार्केट क्षेत्र में हाईवे पर मलबा फैलने से जलभराव की स्थिति बनी हुई है। उधर, कर्णप्रयाग में रविवार रात से बिजली आपूर्ति भी बाधित है।

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