कुंजवाल के भतीजे ने छोड़ा कांग्रेस का साथ,जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र में दरकी कांग्रेस की जमीन
अल्मोड़ा। उत्तराखंड के कांग्रेसियों में एक नया जोश भरने एवं कार्यकर्ताओं को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए तैयार करने की गरज से प्रदेश के दौरे पर आए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के तीन रोज बाद ही कांग्रेस पार्टी को उत्तराखंड में जोर का झटका लगा है। याद दिलाना होगा कि अभी रविवार को ही कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे उत्तराखंड के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं में जोश भरकर गए थे, मगर उनके पीठ फेरते ही कांग्रेस पार्टी को उसके दिग्गज नेता गोविंद सिंह कुंजवाल के घर से बड़ा झटका लगा है ,क्योंकि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुंजवाल के भतीजे ने कांग्रेस छोड़ दी है। खास बात तो यह है कि उनके साथ बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी पार्टी छोड़ दी है। बताना होगा कि उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 के लिए सभी राजनैतिक दल अपनी जमीन को संगठन के माध्यम से मजबूत करने में लगे हैं। इसी क्रम में यूकेडी ने कांग्रेस में सेंध मारी कर जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र में अपनी जमीन मजबूत की है। चुनाव से पहले जागेश्वर की राजनीति में इस बड़े घटनाक्रम के अंतर्गत कांग्रेस सरकार में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके व पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और जागेश्वर के कद्दावर कांग्रेसी नेता गोविंद सिंह कुंजवाल के भतीजे दिनेश कुंजवाल ने कांग्रेस से दूरी बनाते हुए उत्तराखंड क्रांति दल ;यूकेडीद्ध का दामन थाम लिया है। दिनेश कुंजवाल के यूकेडी में शामिल होने को क्षेत्र की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। उनके साथ बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता यूकेडी में शामिल हुए हैं। दिनेश कुंजवाल का कांग्रेस छोड़ना इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि उनका सीधा संबंध कुंजवाल परिवार के साथ है। ज्ञात होगी कि गोविंद सिंह कुंजवाल लंबे समय तक कांग्रेस की राजनीति एक प्रमुख चेहरा रहे हैं और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष के रूप में प्रदेश की राजनीति में उनकी अलग पहचान रही है। ऐसे में उनके परिवार से जुड़े एक प्रमुख व्यक्ति का कांग्रेस से अलग होना पार्टी के लिए राजनीतिक और संगठनात्मक स्तर पर झटका माना जा रहा है। बताना होगा कि जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र को लंबे समय से कांग्रेस की मजबूत राजनीतिक जमीन माना जाता रहा है लेकिन अब दिनेश कुंजवाल के यूकेडी में जाने के बाद यहां कांग्रेस के पारंपरिक राजनीतिक प्रभाव को लेकर नए सवाल उठने लगे हैं। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, दिनेश कुंजवाल के इस फैसले का असर स्थानीय स्तर पर कांग्रेस के संगठन और समर्थकों पर भी पड़ सकता है। वहीं, लंबे समय से उत्तराखंड की क्षेत्रीय राजनीति में अपनी खोई हुई जमीन वापस हासिल करने की कोशिश कर रही यूकेडी के लिए इसे एक बूस्टर डोज की तरह देखा जा रहा है और कांग्रेस के प्रभाव वाले क्षेत्र और राजनीतिक रूप से चर्चित कुंजवाल परिवार से जुड़े व्यक्ति का यूकेडी में जाना पार्टी के लिए अहम माना जा रहा है। राजनीति की जानकारी का मानना है कि दिनेश कुंजवाल के यूकेडी में जाने के बाद कांग्रेस के कुछ स्थानीय नेता और समर्थक भी यूकेडी का रुख कर सकते हैं। इससे कांग्रेस की जमीन दरकने और उसके पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगने की संभावना जताई जा रही है। विधानसभा चुनाव से पहले इस घटनाक्रम ने जागेश्वर में राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ा दी हैं और आने वाले दिनों में क्षेत्र की सियासी तस्वीर में और बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
