खान फार्म विवादःतहसील में सायरा वाड्रा और नसरीन सांगा पक्ष के अधिवक्ताओं से स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों पर दस्तावेजों पर सुनवाई
एडीएम और एसडीएम की मौजूदगी में वार्ता
किच्छा। खान फार्म विवाद में गुरुवार को प्रशासनिक स्तर पर सुनवाई शुरू हो गई। बुधवार देर रात तक चले हाईवोल्टेज घटनाक्रम और धरना-प्रदर्शन के बाद तहसील कार्यालय में दोनों पक्षों को बुलाकर उनके दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इस दौरान पूरे तहसील परिसर में गहमागहमी का माहौल बना रहा। तहसील कार्यालय में अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, उपजिलाधिकारी गौरव पांडे और तहसीलदार गिरीश चंद्र त्रिपाठी की मौजूदगी में सायरा वाड्रा और नसरीन सांगा पक्ष के अधिवक्ताओं से स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों पर विस्तृत चर्चा की गयी। प्रशासन दोनों पक्षों के दावों और उपलब्ध अभिलेखों का परीक्षण कर रहा है। वहीं, तहसील परिसर में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा, पूर्व विधायक नारायण पाल, गणेश उपाध्याय, प्रेमानंद महाजन, दिलीप सिंह बिष्ट, फरियाद शाह, मुर्तजा अंसारी, देवेंद्र शाही, जनार्दन समेत कई नेता पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। बुधवार देर रात फार्म हाउस के बाहर हुए हंगामे और विधायक तिलकराज बेहड़ के धरने के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तहसील परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार हालात पर नजर रखे हुए हैं। गौरतलब है कि खान फार्म की करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन पर स्वामित्व को लेकर सायरा वाड्रा और नसरीन सांगा पक्ष आमने-सामने हैं। दोनों पक्ष अपने-अपने दावों के समर्थन में दस्तावेज प्रस्तुत कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि उपलब्ध अभिलेखों और न्यायालय में विचाराधीन प्रकरण के मद्देनजर विधिक प्रक्रिया के अनुरूप ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। समाचार लिखे जाने तक तहसील कार्यालय में दोनों पक्षों के बीच दस्तावेजों की जांच और प्रशासनिक स्तर पर वार्ता जारी थी।


