भाजपा में बढ़ी अंदरूनी कलहः मंडल अध्यक्ष ने खोली पालिकाध्यक्ष की पोल
गदरपुर। निकाय चुनाव में किए गए वादों को लेकर गदरपुर भाजपा में अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आती नजर आ रही है। बुधवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में भाजपा मंडल अध्यक्ष सुरेश खुराना के बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया। खुराना ने स्वीकार किया कि निकाय चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी और वर्तमान पालिकाध्यक्ष मनोज गुंबर ‘मिंटू’ को जिताने के लिए जनता से कई वादे किए गए थे, लेकिन आज तक वे पूरे नहीं हो सके हैं।मंडल अध्यक्ष का यह बयान केवल अधूरे वादों की स्वीकारोक्ति भर नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे भाजपा संगठन और पालिका नेतृत्व के बीच बढ़ती दूरी का संकेत भी माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि पार्टी का मंडल अध्यक्ष सार्वजनिक मंच से ही चुनावी वादों के पूरे न होने की बात कह रहा है, तो कहीं न कहीं पालिका अध्यक्ष की कार्यशैली को लेकर संगठन के भीतर असंतोष मौजूद है।पत्रकार वार्ता के दौरान खुराना ने भले ही सीधे तौर पर किसी विवाद की बात न कही हो, लेकिन उनके शब्दों ने यह साफ संकेत दे दिए कि पालिकाध्यक्ष और संगठन के बीच तालमेल की कमी है। सूत्रों की मानें तो विकास कार्यों, जनहित योजनाओं और विभिन्न प्रस्तावों को लेकर दोनों नेताओं के बीच मतभेद की चर्चा चल रही है।इस राजनीतिक खींचतान का सबसे बड़ा नुकसान आम जनता को उठाना पड़ रहा है। कई स्थानीय समस्याएं और विकास से जुड़े मुद्दे लंबे समय से समाधान की प्रतीक्षा में हैं। लोगों का कहना है कि चुनाव के समय किए गए वादों पर अब तक अमल नहीं हुआ, जबकि जनता ने भाजपा पर भरोसा कर भारी समर्थन दिया था।मंडल अध्यक्ष सुरेश खुराना का आरोप है कि अभी तक पालिका अध्यक्ष ने उनसे यह भी नहीं पूछा कि आपने किसी वार्ड में कुछ कार्य करने हो तो उनका प्रस्ताव दे दीजिए । विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर हमलावर हो गया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि जब भाजपा के अपने नेता ही चुनावी वादों के पूरे न होने की बात स्वीकार कर रहे हैं, तो इससे जनता के साथ किए गए दावों की हकीकत सामने आ गई है। अब बड़ा सवाल यह है कि भाजपा संगठन और पालिका नेतृत्व के बीच बढ़ती खटास कब खत्म होगी और जनता को विकास कार्यों का लाभ कब मिलेगा।
