‘उत्तराखंडियत की ओर’ डॉक्यूमेंट्री के लोकार्पण में दिखी राजनीतिक सौहार्द की मिसाल : हरिश रावत ने लोगों के प्रति जताया आभार
पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की उपस्थिति और उनके संबोधन ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया
देहरादून(उद ब्यूरो) । उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने अपने राजनीतिक और सामाजिक जीवत पर आधारित डॉक्यूमेंट्री ‘ उत्तराखंडियत की ओर’ का लोकार्पण शनिवार को एक भव्य समारोह में किया। देहरादून में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़ और विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं के नेताओं की मौजूदगी ने इसे खास बना दिया। समारोह में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की उपस्थिति और उनके संबोधन ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया। बहरहाल उत्तराखंड के वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने पहाड़ की संस्कृति, सामाजिक सौहार्द , अपनी सरकार की नीतियों, राजनीति और समाज में युवाओं के भविष्य के प्रति अपनी दूरदर्शी सोच को परिभाषित कर आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा का पाठ जरूर पढ़ाया है। कार्यक्रम के बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए आयोजन से जुड़ी स्मृतियों को साझा किया और सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह डॉक्यूमेंट्री पूरी तरह पेशेवर नहीं थी, बल्कि एक नए रचनाकार के प्रयास का परिणाम थी, जो इस क्षेत्र में अपनी शुरुआत करना चाहते थे। आयोजन समिति के पास भी ऐसे बड़े कार्यक्रमों का पूर्व अनुभव नहीं था, इसके बावजूद 800 लोगों की व्यवस्था वाले समारोह में 1600 से अधिक लोग पहुंचे। हरीश रावत ने कहा कि कई लोग तपती धूप में घंटों खड़े रहे, फिर भी उनका उत्साह कम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यह प्रेम और अपनापन उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने होटल के सीसीटीवी फुटेज देखकर उन लोगों के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया, जो धूप में खड़े होकर कार्यक्रम का हिस्सा बने। अपने संबोधन में हरिश रावत ने राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के बावजूद आपसी सम्मान और सौहार्द की मिसाल पेश करने के लिए भगत सिंह कोश्यारी और काशी सिंह एरी का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों नेता लंबे समय तक उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे, लेकिन कभी भी आपसी संबंधों में कटुता नहीं आई। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक राजनीति की सुंदर परंपरा बताया। कार्यक्रम में आध्यात्मिक संत स्वामी हरि चैतन्यपुरी की अप्रत्याशित उपस्थिति भी आकर्षण का केंद्र रही। हरिश रावत ने बताया कि स्वामी जी फेसबुक पर कार्यक्रम देखकर उन्हें आशीर्वाद देने पहुंचे और लंबे समय तक कार्यक्रम में मौजूद रहे। पूर्व मुख्यमंत्री ने संकेत दिए कि डॉक्यूमेंट्री का दूसरा भाग अधिक गहराई से उनकी राजनीतिक और सामाजिक यात्रा को सामने लाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि उत्तराखंडियत की आवश्यकता को देखते हुए भविष्य में तीसरे भाग की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता। हरीश रावत ने अंत में कहा कि उनका जीवन एक खुली किताब की तरह है और यदि उनके जीवन के कुछ अनुभव नई पीढ़ी को प्रेरित कर सकें, तो यही इस प्रयास की सबसे बड़ी सफलता होगी।




