भूमि नियमतीकरण के नाम पर सरकार कर रही भेदभावः बेहड़
रूद्रपुर (उद संवाददाता)। प्रदेश सरकार द्वारा नैनीताल के बिंदुखत्ता, ऊधमसिंहनगर के बग्घा चौवन और ऋषिकेश के बापूग्राम के नियमतीकरण के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया है। जो प्रदेश की जनता के साथ भेदभाव दर्शाता है। यहां अपने कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते किच्छा के विधायक तिलकराज बेहड़ ने कहा कि सरकार ने प्रदेश के सिर्फ तीन स्थानों को ही क्यों चुना? उन्होंने कहा कि कांग्रेस पिछले कई वर्षों से प्रदेश के खुर्पिया, संजयनगर, मसीतनगर, सूर्यनगर, कोपा मुन्स्यारी, डौराडाम, दमुआढूंगा सहित प्रदेश के अनेक ग्रामों के निवासियों को मालिकाना हक देने के लिए आवाज उठाती रही है। लेकिन सरकार अभी तक इस सबकी उपेक्षा ही करती आ रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार नियमतीकरण करना ही चाहती है तो प्रदेश के इन सभी ग्रामों को सूची में शामिल करे। राज्य बनाने में सभी का पूरा सहयोग रहा है। यह मामला वह आगामी विधानसभा सत्र में उठायेगे। श्री बेहड़ ने कहा कि प्रदेश के बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी के मामले में सरकार जांच के नाम पर लीपापोती कर आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। जब राम मंदिर के मामले को सुप्रीम कोर्ट भेजा जा सकता है तो बदरीनाथ के मामले को भी सुप्रीम कोर्ट भेज दिया जाये। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जनता महंगाई, बीपीएल राशनकार्ड न मिलने सहित अन्य समस्याओं से जूझ रही है। किसान खाद के लिए परेशान हो रहा है। लेकिन सरकार को इसकी कोई परवाह नहीं है। उन्होंने कहा कि एसआईआर की रिपोर्ट आने के बाद जब वोटर लिस्ट प्रकाशित होगी तो मतदाताओं के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। श्री बेहड़ ने कहा के प्रदेश में सरकार जबरन लोगों के भवनों में स्मार्ट मीटर लगवा रही है। जबकि भाजपा की ही यूपी में सरकार होने के बाद भी वहां स्मार्ट मीटर नहीं लग रहे है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों पर भ्रष्टावार में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए कहा कि बिना पैसे दिए विभागों में कोई भी काम नहीं होता है। उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा और उत्तराखण्ड विधानसभा सत्र में कांग्रेस मंदिरों में चढ़ावा चोरी और जनहित के मुद्दों को जोरदार ढ़ंग से उठायेगी।
