September 12, 2026

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वीपीडीओ परीक्षा-2016 धांधली में ईडी की छापेमारी : पूर्व सीएम हरीश रावत के पूर्व ओएसडी की 1.28 करोड़ की संपत्ति जब्त

देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (वीपीडीओ) परीक्षा-2016 में कथित धांधली से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। जांच एजेंसी ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के निजी सहायक और पूर्व ओएसडी चंदन सिंह जीना के रायपुर-तपोवन रोड स्थित आवास समेत कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। ईडी के अनुसार, जीना के आवास से 32 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी, करीब 200.5 ग्राम सोना और 12 लग्जरी कलाई घड़ियां बरामद की गईं। बरामद सोने में 13 सोने के सिक्के और सात सोने की चेन शामिल हैं। जब्त की गई घड़ियों में रोलेक्स, राडो, पियाजे, मोवाडो, टिसॉट और कैसियो एडिफाइस जैसे ब्रांड शामिल बताए गए हैं।जांच एजेंसी को जीना और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में करीब 52.16 लाख रुपये का बैलेंस भी मिला, जिसे ईडी ने फ्रीज करा दिया है। ईडी ने नकदी, सोना, घड़ियों और फ्रीज किए गए बैंक बैलेंस समेत बरामद संपत्ति की कुल कीमत करीब 1.28 करोड़ रुपये आंकी है। जीना का मोबाइल फोन भी फोरेंसिक जांच के लिए कब्जे में लिया गया है।

मनी ट्रेल के आधार पर जीना तक पहुंची जांच

वीपीडीओ परीक्षा-2016 में कथित धांधली की जांच शुरुआत में विजिलेंस ने की थी। वर्ष 2023 में मामले की जांच उत्तराखंड एसटीएफ को सौंप दी गई। एसटीएफ ने जांच के दौरान आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष आरबीएसएस रावत, सचिव आरएस कन्याल और परीक्षा नियंत्रक आरएस पोखरिया समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था।पुलिस की प्राथमिकी और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर ईडी ने भी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की। एजेंसी ने कथित अवैध धन के लेन-देन और उसकी मनी ट्रेल को खंगालते हुए गुरुवार को आयोग के तत्कालीन अधिकारियों और परीक्षा आयोजित कराने वाली कंपनी से जुड़े लोगों के परिसरों पर भी तलाशी ली।ईडी की जांच में सामने आए कथित मनी ट्रेल के आधार पर एजेंसी की टीम चंदन सिंह जीना के आवास तक पहुंची। जांच एजेंसी का आरोप है कि जीना ने भी परीक्षा धांधली से जुड़े धन का इस्तेमाल किया था।

2014 से 2017 तक रहे ओएसडी

चंदन सिंह जीना पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यकाल में उनके निजी सहायक के अलावा 2014 से 2017 तक ओएसडी भी रह चुके हैं। हालांकि, ईडी की कार्रवाई और बरामदगी को लेकर आगे की जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि बरामद संपत्तियों का कथित परीक्षा धांधली से प्रत्यक्ष संबंध किस स्तर तक है। ईडी अब जब्त नकदी, सोने, घड़ियों और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेजों तथा मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच के जरिए कथित मनी ट्रेल की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां या संपत्तियों पर कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

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