September 2, 2026

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ऊर्जा उत्पादन को ‘नए ट्रैक’ पर ले जाने की तैयारी में धामी सरकार

बड़े हाइड्रो प्रोजेक्ट्स की राह की अड़चनों के मध्य नजर सरकार का फोकस अब चौदह नई छोटी परियोजनाओं पर, परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से राज्य को मिल सकेगी 164 मेगावाट बिजली
देहरादून। उत्तराखंड की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने एवं भविष्य में राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए प्रदेश की पुष्कर सिंह धामी सरकार अब उत्तराखंड के ऊर्जा उत्पादन को एक नए ट्रैक पर ले जाने की तैयारी कर रही है ।राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए उत्तराखंड सरकार वैसे तो अलग-अलग विकल्पों, मसलन जल विद्युत परियोजनाओं , सौर ऊर्जा और थर्मल पावर जैसे विकल्प पर पहले से ही काम करती चली आ रही है ,लेकिन प्रदेश में अनेक बड़ी नदियों की मौजूदगी को देखते हुए सरकार अब राज्य में हाइड्रो प्रोजेक्ट की संभावनाएं तलाश रही है। हालांकि अब से पहले भी सरकार द्वारा प्रदेश में कई बड़े हाइड्रो प्रोजेक्ट्स धरातल पर उतरने के प्रयास किए गए हैं लेकिन बड़े हाइड्रो प्रोजेक्ट्स के सामने कानूनी अड़चनों और स्थानीय लोगों के अलावा पर्यावरण प्रेमियों के विरोध के कारण ऐसी परियोजनाओं की राह में अनेक अनेक बाधाएं खड़ी हो जाती हैं , इन्हीं अड़चनों को देखते हुए सरकारअब छोटे हाइड्रो प्रोजेक्ट्स की दिशा में काम करने जा रही है, ताकि पर्यावरणीय प्रभाव भी कम हो और ऊर्जा की जरूरत को भी पूरा किया जा सके। इस कड़ी में सरकार का फोकस फिलहाल छोटी परियोजनाओं पर है और कुल 14 छोटी परियोजनाओं के लिए होमवर्क शुरू किया जा रहा है। इसके तहत राज्य में अलग-अलग चिन्हित क्षेत्र में छोटे-छोटे प्रोजेक्ट्स लगाए जाएंगे, जिससे राज्य को बिजली और राजस्व दोनों की प्राप्ति हो सकेगी। उम्मीद लगाई जा रही है कि इन 14 प्रोजेक्ट से राज्य को करीब 165 मेगावाट बिजली मिल सकेगी। फिलहाल राज्य सरकार निजी बिजली क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के साथ मिलकर इन प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ना चाहती है, ताकि इन परियोजनाओं पर आने वाले खर्च का बोझ सरकार पर ना पड़े और राज्य को 165 मेगावाट बिजली मिलने के साथ ही करीब 8000 लोगों को रोजगार मिलने का मार्ग भी प्रशस्त हो जाए। हासिल जानकारी के मुताबिक ऊर्जा विभाग ने इस दिशा में रोड मैप भी तैयार करना शुरू कर दिया है। तैयार किए गए रोड मैप के मुताबिक, गढ़वाल और कुमाऊं दोनों ही जगह पर इन प्रोजेक्ट्स को लगाया जाना है। इसमें रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी और टिहरी के अलावा पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिला शामिल है। भावी परियोजनाओं पर प्रकाश डालते हुए प्रमुख सचिव मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि छोटे हाइड्रो प्रोजेक्ट्स के जरिए कम समय में विद्युत उत्पादन के लिए निर्माण पूरा हो सकेगा, जिसके कारण यहां बिजली की डिमांड भी पूरी हो सकेगी और लोगों के लिए रोजगार के भी रास्ते खुलेंगे।

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