September 23, 2026

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उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था चौपटः यशपाल आर्य ने बेहड़ से हाथापाई मामले पर सरकार को घेरा

किच्छा। नगर पालिका चुनाव के दौरान स्ट्रांग रूम के बाहर विधायक तिलक राज बेहड़ के साथ हुई हाथापाई के आरोप के बाद कांग्रेस ने प्रदेश सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य किच्छा पहुंचे और विधायक तिलक राज बेहड़ के कार्यालय में प्रेसवार्ता कर घटना को लेकर सरकार पर तीखे सवाल उठाए। मंगलवार को स्ट्रांग रूम के बाहर विधायक बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के समर्थकों के बीच विवाद, धक्का-मुक्की और हाथापाई की स्थिति बनी थी। इस दौरान बेहड़ पर थप्पड़ मारने का आरोप सामने आया । प्रेसवार्ता में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि उत्तराखंड में कानून नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं और प्रदेश के शहरों में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। आर्य ने कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि के साथ इस तरह की घटना होना गंभीर विषय है और प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। यशपाल आर्य ने कहा कि प्रशासन को प्रोटोकॉल के तहत मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले को केवल किच्छा तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि प्रदेश के विभिन्न शहरों में सरकार के खिलाफ आंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन विवाद को हिंसा और हाथापाई तक पहुंचने देना गंभीर चिंता का विषय है। आर्य ने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई और चुनावी प्रक्रिया की गरिमा बनाए रखने की मांग की। इस दौरान विधायक तिलक राज बेहड़ ने भी घटनाक्रम को लेकर अपनी बात रखी। इससे पहले बेहड़ ने पुलिस में तहरीर देने से इनकार करते हुए मामले को विधानसभा की विशेषाधिकार हनन समिति के समक्ष रखने की बात कही थी।प्रेसवार्ता में कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु बाबा, विधायक तिलक राज बेहड़ समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने घटना को लेकर प्रशासन से निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की।

कांग्रेस प्रत्याशी ने जताई मतपत्रें से छेड़छाड़ की आशंका

किच्छा। नगर पालिका परिषद किच्छा के अध्यक्ष पद के कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह ने मतदान के बाद स्ट्रांग रूम की सुरक्षा और प्रशासन की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आशंका जताई कि मतपत्रें के साथ छेड़छाड़ अथवा उनमें बदलाव किया जा सकता है। उनका कहना है कि जिस तरह प्रत्याशियों को स्ट्रांग रूम से दूर रखा गया है, उससे चुनाव प्रक्रिया को लेकर संदेह पैदा हो रहा है। कांग्रेस प्रत्याशी ने आरोप लगाया कि मंगलवार को घटित पूरी घटना पूर्व नियोजित षडयंत्र का हिस्सा थी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार विधायक को निशाना बनाकर दहशत फैलाने का प्रयास किया गया और हमला जैसी स्थिति उत्पन्न हुई, उसे सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। राजेश प्रताप सिंह ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में मतपत्रें की सुरक्षा को लेकर भी आशंका स्वाभाविक है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी रखी जाए और सभी प्रत्याशियों को मतपत्रें एवं स्ट्रांग रूम की निगरानी की उचित व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि चुनाव में जनता के मत की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मतगणना तक ईवीएम/मतपत्रें और स्ट्रांग रूम की सुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही न हो तथा प्रत्याशियों को भी निर्धारित नियमों के तहत निगरानी का अवसर मिले। कांग्रेस प्रत्याशी के इन आरोपों के बाद निकाय चुनाव की निष्पक्षता और स्ट्रांग रूम की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। हालांकि, प्रशासन की ओर से इन आरोपों की पुष्टि या प्रतिक्रिया इस खबर के समय तक सामने नहीं आई है।

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