लगातार बारिश से बिगड़े हालात,जनजीवन अस्त व्यस्त
कुमांऊ में भूस्खलन से कई सड़कें बंद, तराई में भी बारिश से बुरा हाल, नदी नालों उफनाने से कई इलाके जलमग्न
रूद्रपुर/सितारगंज/अल्मोड़ा/नैनीताल। उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में बारिश आफत बनी हुई है। बारिश के कारण हो रहे लैंडस्लाइड से अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत और नैनीताल जिलों मिलाकर 100 से ज्यादा सड़कें बंद हैं। तीन दिन से बारिश हो रही है। इससे जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। लोगों के लिए आवागमन भी कठिन हो गया है। तराई में भी लगातार बारिश से बुरा हाल है। अल्मोड़ा जिले में पिछले तीन दिनों से मूसलाधार बारिश आफत बनी हुई है। इससे जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। भारी बारिश के कारण जगह-जगह पहाड़ियां दरकने से सड़कों पर भारी मात्र में मलबे और बोल्डर आ गए हैं। इससे जिले का एक राष्ट्रीय राजमार्ग, एक स्टेट हाईवे और दो जिला मार्गों सहित कुल 23 सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह बंद हो गई हैं। इसके चलते जिले के अनेक ग्रामीण इलाकों के लोगों का सड़क संपर्क जिला मुख्यालय और बाहरी दुनिया से पूरी तरह कट गया है। अल्मोड़ा जिले में बीते तीन दिनों से रुक-रुक बारिश हो रही है। बारिश में जिले के दो मुख्य जिला मार्गों के साथ-साथ दो दर्जन के करीब ग्रामीण सड़कों पर पहाड़ी दरकने से भारी तबाही हुई है। लोनिवि और आपदा प्रबंधन की टीमें मलबे को हटाने के काम में जुटी हैं, लेकिन रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण राहत और बचाव कार्य में भारी बाधा आ रही है। सड़कों के बंद होने से सबसे अधिक परेशानी मरीजों, गर्भवती महिलाओं और दैनिक आवश्यक वस्तुओं की किल्लत से जूझ रहे ग्रामीणों को उठानी पड़ रही है। कुमाऊं के तीन पर्वतीय जिलों की लाइफलाइन माने जाने वाले अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग को बीते दिन को कड़ी मशक्कत के बाद कुछ देर के लिए यातायात के लिए खोला गया था, लेकिन पहाड़ी से दोबारा भारी मलबा आने के कारण फिर बंद हो गया। लगातार हो रही इस आफत की बारिश का सीधा असर व्यापार पर भी देखने को मिल रहा है। मुख्य बाजारों सहित आसपास के कस्बों की बाजारों से रौनक गायब है। सड़कों के बंद होने और खराब मौसम के डर से लोग घरों में ही दुबके हैं। बाजारों में समय से पहले ही पूरी तरह सन्नाटा पसर जा रहा है।
रुद्रपुर। पहाड़ों पर हो रही मूसलाधार बारिश का असर मैदानी जिले ऊधम सिंह नगर में लगातार दिखाई दे रहा है। मंगलवार को बारिश से बिगड़े हालात के बाद मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक भी कई इलाकों में तेज बारिश का दौर जारी रहा। लगातार बारिश और पहाड़ी क्षेत्रें से आ रहे पानी के कारण नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है और कई स्थानों पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला मुख्यालय रूद्रपुर में कल्याणी नदी का जल स्तर बढ़ने से कई निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। कुछ बस्तियों में घरों में पानी घुसने के समाचार हैं। इसके कई सड़कों में पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है। लगातार बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए ऊधम सिंह नगर में बुधवार को कक्षा एक से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया। जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रखे गए। हालांकि शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अपने केंद्रों पर उपस्थित रहकर विभागीय कार्य करने के निर्देश दिए गए।

किच्छा- लगातार बारिश के चलते किच्छा, पुलभट्टा, शांतिपुरी और सूर्यनगर क्षेत्र में भी नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन ने लोगों को सतर्क किया है। प्रशासन की ओर से नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रें में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। तहसील किच्छा क्षेत्र अंतर्गत लगातार हो रही वर्षा के दृष्टिगत गोला नदी के आसपास के क्षेत्र में उपजिलाधिकारी किच्छा गौरव पांडे द्वारा बुधवार को निरीक्षण किया गया तथा आसपास के लोगों से गोला नदी के किनारे से दूर रहने की अपील गई है। उन्होंने बताया कि नदी का जलस्तर सामान्य है और वर्तमान में तहसील किच्छा क्षेत्र अंतर्गत सभी स्थानों में भी स्थिति सामान्य है।

सितारगंज। लगातार हुई अत्यधिक बारिश के चलते ग्राम नकाहा, नया गांव, बैगुल डैम के पिछली तरफ जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई। गांव में तीन से चार फीट तक पानी भर जाने से करीब छह से सात परिवार बाढ़ जैसी स्थिति में अपने घरों में फंस गए। घरों के चारों तरफ पानी भरने और परिवारों में छोटे बच्चों के मौजूद होने के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया और सभी प्रभावित परिवारों को सकुशल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। जानकारी के अनुसार अत्यधिक बारिश के बाद ग्राम नकाहा, नया गांव तथा बैगुल डैम के पिछली तरफ जलभराव की सूचना मिलने पर कोतवाली सितारगंज से उपनिरीक्षक सुरेंद्र सिंह रिंगवाल पुलिस टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। उनके साथ 112 वाहन में हेड कांस्टेबल मनोज ग्वाल, कांस्टेबल अशोक बोरा और होमगार्ड भगवान प्रसाद भी मौजूद रहे। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया तो गांव के करीब छह से सात परिवारों के घरों के चारों ओर तीन से चार फीट तक पानी भरा मिला। इससे ग्रामीणों के सामने घरों से बाहर निकलने की समस्या खड़ी हो गई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तत्काल उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बाढ़ में फंसे ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने के लिए एसडीआरएफ टीम को मौके पर भेजा गया। इसके साथ ही फायर ब्रिगेड को भी रेस्क्यू अभियान में शामिल किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक नगर रुद्रपुर और क्षेत्रधिकारी सितारगंज के पर्यवेक्षण में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुंदरम शर्मा ने रेस्क्यू अभियान की लगातार निगरानी करते हुए टीम को दिशा-निर्देश दिए। पुलिस द्वारा डीसीआरबी ऊधमसिंहनगर को भी सूचना से अवगत कराया गया। इसके बाद फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और संयुक्त रूप से बचाव अभियान शुरू किया गया। जलभराव की स्थिति को देखते हुए टीम ने नाव की मदद से ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने की कार्रवाई की। बताया गया कि प्रभावित परिवारों में छोटे-छोटे बच्चे भी मौजूद थे। पानी अधिक होने के कारण परिजन बच्चों की सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित थे और घरों से बाहर निकलने में संकोच कर रहे थे। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया तथा बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकालने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने रेस्क्यू टीम का सहयोग किया और नाव के माध्यम से एक-एक कर सभी प्रभावित परिवारों को बाढ़ के पानी से बाहर निकाला गया। रेस्क्यू अभियान के दौरान कुल करीब 10 से 12 अन्य ग्रामीणों और बच्चों समेत बड़ी संख्या में प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। किसी भी ग्रामीण को कोई नुकसान नहीं हुआ। रेस्क्यू के बाद सभी लोग आसपास रहने वाले अपने रिश्तेदारों के यहां सुरक्षित चले गए। रेस्क्यू किए गए ग्रामीणों में कुलदीप सिंह, संदीप कौर, हरप्रीत, लवजीत, गुरदेव सिंह, सिमरन कौर, किरण, अवन, अमरीत, मनजीत, हुम्मन सिंह, जोगिंदर सिंह, बलवंत कौर, सुमित्र कौर, बलमन, बंटी, रिंकू, मंगल सिंह, सुखविंदर कौर, मनप्रीत, करमजीत, मनदीप, जसप्रीत, राजेंदर, फुम्मन सिंह, राजेंदर, रेशम, विधो, बलविंदर, सीमा, हरजिंदर, हरजिंदर की पत्नी, सुखविंदर और जसविंदर सहित अन्य ग्रामीण व बच्चे शामिल रहे। रेस्क्यू अभियान के दौरान पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ टीम के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। टीम ने लगातार पानी की स्थिति पर नजर रखते हुए प्रभावित परिवारों को सुरक्षित निकालने का काम किया। समय रहते की गई कार्रवाई के चलते बाढ़ जैसी स्थिति में फंसे सभी परिवारों को सकुशल बाहर निकाला जा सका। रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों ने पुलिस, फायर ब्रिगेड, एसडीआरएफ और प्रशासन का आभार जताया।
