नैनीताल झील में सीवर गिरने पर कमिश्नर सख्त,शहर में बने गडढों और अधूरे कार्यों की रिपोर्ट तलब
जल संस्थान को नियमित निरीक्षण और त्वरित कार्रवाई के दिए निर्देश
नैनीताल /हल्द्वानी। नैनीताल झील की स्वच्छता को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों पर कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने सख्त रुख अपनाया है। झील में सीवर का पानी गिरने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने उत्तराखण्ड जल संस्थान को नियमित निगरानी व्यवस्था लागू करने और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने स्पष्ट कहा कि नैनीताल झील की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करने की बजाय नियमित मॉनिटरिंग व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि समय रहते समस्या का समाधान किया जा सके।आयुक्त ने जल संस्थान के अधीक्षण अभियंता को निर्देशित करते हुए कहा कि इस कार्य के लिए एक कार्मिक की नियमित तैनाती सुनिश्चित की जाए। संबंधित कर्मचारी प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 11 बजे तक झील क्षेत्र का भ्रमण कर निरीक्षण करेगा। निरीक्षण के दौरान जहां कहीं भी सीवर का पानी झील में गिरता हुआ पाया जाए, उसकी सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि मौके पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सूचना प्राप्त होते ही संबंधित स्थल पर पहुंचकर आवश्यक कदम उठाए जाएं और सीवर का पानी झील में जाने से तत्काल रोका जाए। साथ ही झील क्षेत्र की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए गए, जिससे भविष्य में इस प्रकार की शिकायतों की पुनरावृत्ति न हो।दीपक रावत ने कहा कि नैनीताल झील प्रदेश की पहचान और पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण धरोहर है। इसकी स्वच्छता बनाए रखने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वहीं हल्द्वानी शहर में यूयूएसडीए द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों के चलते विभिन्न स्थानों पर बने गडढों और आमजन को हो रही परेशानियों को गंभीरता से लेते हुए कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने शहर में क्षतिग्रस्त सड़कों और अधूरे पड़े कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने सचिव विकास प्राधिकरण, नगर आयुक्त नगर निगम हल्द्वानी, उपजिलाधिकारी हल्द्वानी और सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी को पत्र भेजकर निर्देशित किया है कि शहर के उन सभी स्थानों का निरीक्षण किया जाए, जहां यूयूएसडीए के कार्यों के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं या गडढे बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन कार्यों के कारण आम जनता को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिसे किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि संबंधित स्थलों की शत प्रतिशत फोटोग्राफी कर विस्तृत आख्या उपलब्ध कराई जाए। साथ ही जहां कार्य अधूरे पड़े हैं या लोगों को परेशानी हो रही है, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। दीपक रावत ने यह भी निर्देशित किया कि सड़क खोदने के बाद पुनर्स्थापना कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कराया जाए और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को अनावश्यक परेशानी और दुर्घटनाओं का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि निरीक्षण के दौरान जिन स्थानों पर गंभीर लापरवाही या अनियमितता पाई जाए, उसकी स्पष्ट रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। आयुक्त ने कहा कि वह स्वयं भी स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेंगे और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
