मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों के साथ की वर्चुअल बैठक, अवरुद्ध सड़कों एवं जल निकासी की समस्या पर जिलेवार विस्तृत विवरण तैयार किया जाए
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास से प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर मानसून की स्थिति, चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा, आपदा प्रबंधन, जन जन की सरकार जन जन के द्वार कार्यक्रम, सत्यापन अभियान और गîक्कामुक्त सड़क अभियान सहित विभिन्न विषयों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आमजन की सुविधा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मानसून को देखते हुए आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह सतर्क रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने फोन चालू रखें और किसी भी परिस्थिति में संपर्क से बाहर न रहें। किसी भी प्रकार की आपदा अथवा अनहोनी से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं और तैयारियां पहले से सुनिश्चित की जाएं, ताकि मानसून के दौरान आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अत्यधिक वर्षा अथवा आपदा के कारण जिन स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, मार्ग अवरुद्ध या टूटे हैं अथवा जल निकासी व्यवस्था में समस्या उत्पन्न हुई है, उनका जिलेवार विस्तृत विवरण तैयार किया जाए। ऐसे सभी स्थानों का चिन्हीकरण कर मानसून समाप्त होते ही क्षतिग्रस्त सड़कों, मार्गों और जल निकासी व्यवस्था के पुनर्निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून समाप्त होते ही प्रदेशभर में सड़कों को गîक्कामुक्त करने का अभियान शुरू किया जाए। सभी जिलाधिकारी अपने अपने जिलों में इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर समिति गठित करें और कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून समाप्त होने के बाद 15 अक्टूबर तक किसी भी स्थिति में प्रदेश की सभी सड़कों को गîक्कामुक्त किया जाए। मुख्यमंत्री ने जन जन की सरकार जन जन के द्वार कार्यक्रम में मानसून के बाद और तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों और ग्रामों में अभी तक शिविर आयोजित नहीं हुए हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर शिविर लगाए जाएं और अधिक से अधिक लोगों को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि ये शिविर महज औपचारिकता नहीं, बल्कि आमजन की सुविधा और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान का माध्यम हैं। मुख्यमंत्री ने 1905 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्यभर में चल रहे सत्यापन अभियान में भी तेजी लाने को कहा। राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं में अपात्र लोगों का चिन्हीकरण कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंच सके। उन्होंने राज्य में चल रहे राज्य क्षेत्र भौतिक सत्यापन के कार्य में भी तेजी लाने को कहा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पांच वर्ष की अवधि पूरी कर चुकी और खराब स्थिति वाली सड़कों को चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी सड़कों की स्थिति का आकलन कर उनके डामरीकरण और सुधार के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए। आवश्यकता के अनुसार इन सड़कों को लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर और सुगम सड़क सुविधा सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री घोषणाओं के तहत स्वीकृत कार्यों में तेजी लाते हुए उन्हें प्राथमिकता के आधार पर धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों से घोषणाओं से संबंधित कार्यों की नियमित समीक्षा और निगरानी सुनिश्चित करने को कहा, ताकि विकास कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे हों और उनका लाभ आमजन तक पहुंच सके। मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा के बाद स्वच्छता अभियान में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने नशे के खिलाफ अभियान को प्रभावी बनाते हुए अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री और तस्करी पर कड़ी कार्रवाई करने तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को कृषि, बागवानी और पशुपालन से जुड़ी योजनाओं पर विशेष ध्यान देने तथा अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को इन योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं का लाभ समयबद्ध और प्रभावी तरीके से किसानों, पशुपालकों और ग्रामीणों तक पहुंचाया जाए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ने के साथ उत्तराखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, वर्चुअल माध्यम से आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप, आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप सहित सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे।
