किच्छा में मेयर विकास शर्मा ने की जोरदार जनसभायें
किच्छा। नगर पालिका चुनाव का प्रचार निर्णायक दौर में पहुंचने के साथ ही भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी है। रुद्रपुर के महापौर विकास शर्मा ने भाजपा के पालिकाध्यक्ष प्रत्याशी संदीप अरोड़ा ‘सोनू’ और पार्टी समर्थित सभासद प्रत्याशियों के समर्थन में किच्छा के अलग-अलग वार्डों में ताबड़तोड़ चुनावी सभाएं और नुक्कड़ बैठकें कर चुनावी माहौल गरमा दिया। एक के बाद एक सभाओं में विकास शर्मा ने जहां केंद्र और प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा, वहीं कांग्रेस को भी निशाने पर लिया और भाजपा प्रत्याशियों को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की।चुनाव प्रचार के दौरान विकास शर्मा ने वार्ड नंबर 3 सोनेरा-मलपुरा, वार्ड नंबर 7 बंडिया, वार्ड नंबर 8 बंडिया भट्टðा और वार्ड नंबर 10 तहसील-गैस एजेंसी क्षेत्र सहित विभिन्न इलाकों में पहुंचकर मतदाताओं से संवाद किया। नुक्कड़ सभाओं में उन्होंने पालिकाध्यक्ष प्रत्याशी संदीप अरोड़ा के पक्ष में मतदान की अपील करते हुए कहा कि नगर का सुनियोजित विकास तभी तेजी से आगे बढ़ सकता है, जब केंद्र, प्रदेश और स्थानीय निकाय के बीच बेहतर तालमेल हो।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विकास और जनकल्याण के एजेंडे पर काम कर रही है और जनता का भरोसा सरकार पर कायम है। भाजपा विकास की योजनाओं और किए गए कार्यों को लेकर जनता के बीच जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास विकास को लेकर कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है और वह भ्रम तथा झूठा नैरेटिव खड़ा कर मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। अपनी चुनावी सभाओं में विकास शर्मा कांग्रेस को लेकर खासे हमलावर दिखाई दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सकारात्मक विकास के मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय भ्रम पैदा करने की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने काम, सरकार की योजनाओं और भविष्य की विकास योजनाओं को लेकर लोगों के बीच जा रही है तथा चुनाव में फैसला जनता को करना है। उन्होंने कहा कि जनता प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों को देख रही है और नगर निकाय चुनाव में भी स्थानीय विकास, बेहतर सुविधाओं और जवाबदेही को ध्यान में रखकर मतदान करेगी। किच्छा के चुनाव प्रचार में रुद्रपुर के महापौर विकास शर्मा की लगातार मौजूदगी ने भी भाजपा के अभियान को धार दी है। अलग-अलग वार्डों में ताबड़तोड़ सभाएं, कार्यकर्ताओं के साथ बैठक और रोड शो की रणनीति में भागीदारी के जरिए वह लगातार चुनावी मोर्चे पर सक्रिय नजर आए। सभाओं में उनका फोकस एक तरफ सरकार और स्थानीय निकाय के तालमेल से विकास की संभावनाओं पर रहा तो दूसरी तरफ उन्होंने कांग्रेस के आरोपों का राजनीतिक जवाब भी दिया।
