उत्तराखण्ड के राज्यपाल गुरमीत सिंह के कार्यकाल के पांच वर्ष पूरे, लोक भवन में हुआ समारोह
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टनेंट जनरल गुरमीत सिंह सेनि के उत्तराखण्ड में पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर लोक भवन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान राज्यपाल ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोक भवन के अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया। उन्होंने लोक भवन के मुख्य प्रवेश द्वार तीन का लोकार्पण करने के साथ ही चार पुस्तकों का विमोचन किया। कार्यक्रम में श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय द्वारा विकसित गढ़वाली भाषा के लिए एआई आधारित डिजिटल भाषा संवाद मंच गढ़ संवाद का भी लोकार्पण किया गया। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड में बिताए पांच वर्ष उनके जीवन की सबसे महत्वपूर्ण और भावनात्मक यात्राओं में से एक हैं। सेना में चार दशक की सेवा के दौरान उन्हें किसी एक स्थान पर तीन वर्ष से अधिक रहने का अवसर नहीं मिला, लेकिन देवभूमि में पांच वर्ष कैसे बीत गए, इसका पता ही नहीं चला। उन्होंने कहा कि यह केवल उनके कार्यकाल की उपलब्धियों का अवसर नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करने का क्षण है, जिन्होंने एक परिवार और एक टीम के रूप में इस यात्रा को आगे बढ़ाया। उन्होंने लोक भवन परिवार, विश्वविद्यालयों, शिक्षाविदों, युवाओं, महिलाओं और प्रदेशवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग और सहभागिता ने इस यात्रा को सार्थक बनाया है। पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोक भवन के अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यहां कार्यरत प्रत्येक व्यक्ति ने अपने दायित्व को पूरी निष्ठा और आत्मीयता के साथ निभाया है। किसी भी संस्था की सफलता उसके प्रत्येक सदस्य के योगदान से होती है। सम्मानित कार्मिकों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि पूरे लोक भवन परिवार की मेहनत का सम्मान है। राज्यपाल ने लोक भवन सूचना परिसर द्वारा प्रकाशित आत्मा के स्वर 05 पुस्तक का विमोचन किया। इसमें राज्यपाल के विभिन्न अवसरों और कार्यक्रमों में दिए गए भाषणों का संकलन है। इसके अलावा उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित तीन पुस्तकों 21वीं सदीः चुनौतियां और अवसर, विकसित भारत 2047 आत्मनिर्भर समावेशी और सतत राष्ट्र निर्माण के बढ़ते कदम तथा विकसित उत्तराखण्डः राज्यपाल के पंच स्वप्न और संदृष्टि का भी विमोचन किया गया। इस अवसर पर श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय द्वारा विकसित ऐप गढ़ संवाद का लोकार्पण किया गया। गढ़ संवाद गढ़वाली भाषा के लिए एआई आधारित डिजिटल भाषा संवाद मंच है। इसका उद्देश्य भाषा के अनुवाद तक सीमित न रहकर गढ़वाली भाषा को डिजिटल दुनिया से जोड़ना तथा स्थानीय बोली, संस्कृति और लोक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। कार्यक्रम में सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन ने स्वागत संबोधन दिया और राज्यपाल के मार्गदर्शन के लिए लोक भवन की ओर से आभार व्यक्त किया। इस दौरान राज्यपाल के पांच वर्ष के कार्यकाल और उनकी विभिन्न पहलों पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम ने भी लोगों का मन मोह लिया। इससे पूर्व राज्यपाल ने लोक भवन के मुख्य प्रवेश द्वार तीन का लोकार्पण किया। उत्तराखण्ड की पारंपरिक पहाड़ी वास्तुकला पर आधारित यह प्रवेश द्वार प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और स्थापत्य परंपरा को दर्शाता है। राज्यपाल ने प्रवेश द्वार के निर्माण कार्य से जुड़े लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और श्रमिकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सीमित समय में भव्य और आकर्षक प्रवेश द्वार का निर्माण किया जाना सराहनीय है। उन्होंने निर्माण कार्य में योगदान देने वाले सभी लोगों के प्रयासों की प्रशंसा की। कार्यक्रम में प्रथम महिला गुरमीत कौर, सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, विधि परामर्शी कौशल किशोर शुक्ल, अपर सचिव रीना जोशी, वित्त नियंत्रक डा. तृप्ति श्रीवास्तव, संयुक्त निदेशक सूचना डा. नितिन उपाध्याय, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति और अध्यक्ष सहित लोक भवन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
