इस्तीफे की पेशकर पर महेंद्र भट्ट का हमलाः भाजपा उस दिन का इंतजार कर रही है जब हरीश रावत कांग्रेस को अलविदा कहेंगे
देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की ओर से सोशल मीडिया पर कांग्रेस के पदों से इस्तीफे की पेशकश किए जाने के बाद उत्तराखंड की सियासत गरमा गई है। भाजपा ने रावत के इस कदम पर तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश प्रवक्ता विनोद चमोली ने इसे चुनावी स्टंट बताते हुए कांग्रेस के भीतर दबाव बनाने की रणनीति करार दिया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने हरीश रावत पर निशाना साधते हुए कहा कि वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन पार्टी के भीतर अपनी स्थिति मजबूत करने और जनता की सहानुभूति हासिल करने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाते रहते हैं। भट्ट ने कहा कि भाजपा उस दिन का इंतजार कर रही है जब हरीश रावत कांग्रेस को अलविदा कहेंगे। उन्होंने रावत की इस्तीफे की पेशकश को कांग्रेस के भीतर चल रही राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़ते हुए इसे दबाव बनाने की कोशिश बताया।जांच एजेंसियों की कार्रवाई को चुनावी रंजिश बताए जाने पर महेंद्र भट्ट ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय एक स्वायत्त जांच एजेंसी है और उसका काम निरंतर चलता रहता है। उन्होंने कहा कि यूकेएसएसएससी भर्ती प्रक्रिया में शुरुआत से ही अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं।भट्ट के मुताबिक, यदि जांच में किसी व्यक्ति के यहां से अवैध संपत्ति या अन्य सबूत मिलते हैं तो कांग्रेस को इसे सकारात्मक रूप से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के नेताओं में यह साहस होना चाहिए कि जो गलत करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने चुनाव के समय कार्रवाई किए जाने के आरोपों को भी खारिज किया। भट्ट ने कहा कि चुनाव फरवरी में होने हैं और अभी काफी समय है, इसलिए जांच को चुनावी रंजिश से जोड़ना उचित नहीं है। भाजपा का कहना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने भ्रष्टाचार और नकल के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। पार्टी नेताओं के मुताबिक, नकल विरोधी कानून लागू करने और जांच में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के बाद अब कांग्रेस शासनकाल के पुराने मामलों की परतें खुल रही हैं। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि जांच का सामना करने के बजाय कांग्रेस नेता राजनीतिक बयानबाजी के जरिए मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, कांग्रेस की ओर से इन आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध बताया जा रहा है। भाजपा का कहना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने भ्रष्टाचार और नकल के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। पार्टी नेताओं के मुताबिक, नकल विरोधी कानून लागू करने और जांच में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के बाद अब कांग्रेस शासनकाल के पुराने मामलों की परतें खुल रही हैं। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि जांच का सामना करने के बजाय कांग्रेस नेता राजनीतिक बयानबाजी के जरिए मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, कांग्रेस की ओर से इन आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध बताया जा रहा है।
