गोदियाल बोले: हरीश रावत के इस्तीफा देने का सवाल ही नहीं ,चुनाव को लेकर घबराई है भाजपा सरकार
देहरादून। जांच के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कांग्रेस के पदों से इस्तीफे की पेशकश की है। सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि यदि जांच में उन्हें दोषी पाया जाता है तो कोई भी एजेंसी उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। वहीं कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा देने की बात नहीं कही है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य कांग्रेस पार्टी को किसी राजनीतिक साजिश के तहत नुकसान से बचाना है। इसी वजह से वे पार्टी में जिन पदों पर हैं, उनसे इस्तीफा देने की पेशकश कर सकते हैं। गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा देने का सवाल ही नहीं है। जब तक जीवन है, वह कांग्रेस के सदस्य रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जांच या कार्रवाई में यदि किसी स्तर पर उनकी जिम्मेदारी तय होती है तो वह उसका सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हरीश रावत के साथ खड़ी है। ईडी की कार्रवाई को लेकर गोदियाल ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आते ही संबंधित मामले का संज्ञान करीब दस साल बाद लिया गया है। तत्कालीन सरकार में सीएम हरीश रावत ने यूकेएसएसएससी की भर्ती में धांधली की शिकायत पर उस परीक्षा को निरस्त कर दिया था। जबकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की गई थी। गोदियाल ने कहा कि आगामी चुनाव को लेकर भाजपा सरकार घबराई हुई है और इसी कारण विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है।गोदियाल ने कहा कि शुद्धिकरण मामले को लेकर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और अब जांच प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे को भी वापस लिए जाने की मांग की। कांग्रेस नेताओं के इन बयानों के बाद उत्तराखंड की सियासत में एक बार फिर जांच, ईडी की कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिशोध के आरोपों को लेकर बहस तेज हो गई है।
