रामणी गांव में किशोर और किशोरी की संदिग्ध मौत, प्रेम प्रसंग की आशंका
मेला मैदान के मंच पर मिले दोनों के शव, प्रथम दृष्टया प्रेम प्रसंग का मामला मानकर जांच शुरू
चमोली (उद संवाददाता)। विकासखंड नंदानगर के रामणी गांव में मंगलवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब गांव के पास स्थित मेला मैदान में किशोर और किशोरी के शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिले। दोनों एक ही गांव के रहने वाले बताए गए हैं। मृतकों में कक्षा 12 में पढ़ने वाला करीब 17 वर्षीय किशोर सुनील और कक्षा 11 में पढ़ने वाली करीब 16 वर्षीय किशोरी रिया शामिल है। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना मिलने पर नंदानगर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। ग्रामीणों के अनुसार मंगलवार सुबह मेला मैदान के मंच के पास दोनों के शव मिलने की जानकारी सामने आई। इसके बाद गांव में हड़कंप मच गया और घटना की सूचना पुलिस प्रशासन को दी गई। दोनों के एक ही गांव के रहने वाले होने के कारण घटना को लेकर गांव में तरह तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि, दोनों की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या रहा, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। नंदानगर थाने के एसआई मनोज भट्टð ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या से जुड़ा प्रतीत हो रहा है और प्रेम प्रसंग की आशंका भी सामने आ रही है। उन्होंने बताया कि किशोर की उम्र करीब 17 वर्ष और किशोरी की उम्र लगभग 16 वर्ष है। दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस ने मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। ग्राम प्रधान कुंवर लाल ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही नंदानगर पुलिस को जानकारी दी गई थी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि घटना की परिस्थितियों और कारणों के संबंध में अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है तथा पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी। रामणी गांव में हुई इस घटना ने ग्रामीणों को स्तब्ध कर दिया है। एक साथ दो किशोरों की मौत की खबर से गांव में मातम पसरा हुआ है। पुलिस दोनों के परिवारों और परिचितों से भी जानकारी जुटा रही है, ताकि घटना से पहले की परिस्थितियों और घटनाक्रम का पता लगाया जा सके।
