September 8, 2026

Uttaranchal Darpan

Hindi Newsportal

11 हजार युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का रास्ता साफ: घर बैठे मिलेंगी लाइव और रिकॉर्डेड कक्षाएं

स्क्रीनिंग परीक्षा से होगा चयन, यूपीएससी से लेकर बैंकिंग, रक्षा और प्रबंधन परीक्षाओं तक की तैयारी
देहरादून । प्रदेश के प्रतिभावान विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी अब महंगी कोचिंग तक सीमित नहीं रहेगी। राज्य सरकार की निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग योजना के तहत 11 हजार विद्यार्थियों को विभिन्न राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगी एवं प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। योजना में विद्यार्थियों का चयन खुली ऑनलाइन स्क्रीनिंग परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। खास बात यह है कि चयनित विद्यार्थियों को केवल ऑनलाइन कक्षाओं का लाभ ही नहीं मिलेगा, बल्कि रिकॉर्डेड व्याख्यान, डिजिटल अध्ययन सामग्री, प्रश्न बैंक, नियमित ऑनलाइन टेस्ट और मॉक टेस्ट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार की इस पहल का सबसे बड़ा लाभ उन विद्यार्थियों को मिलने की उम्मीद है, जो प्रतिभावान होने के बावजूद महंगी कोचिंग का खर्च वहन नहीं कर पाते। विशेष रूप से पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए यह योजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों का रुख करने और अतिरिक्त खर्च उठाने की आवश्यकता कम होगी। घर बैठे देश के अनुभवी शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों से मार्गदर्शन मिलने से उन्हें बेहतर तैयारी का अवसर मिलेगा। योजना के तहत अलग अलग प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों की सीटें निर्धारित की गई हैं। संघ लोक सेवा आयोग और राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं की तैयारी के लिए दो हजार विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। कर्मचारी चयन आयोग, रेलवे, बैंकिंग सेवाओं और समकक्ष परीक्षाओं के लिए पांच हजार विद्यार्थियों का चयन होगा। रक्षा सेवाओं की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए दो हजार, राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा, गेट, सीएसआईआर और जेआरएफ जैसी परीक्षाओं के लिए एक हजार तथा प्रबंधन प्रवेश परीक्षाओं कैट और मैट के लिए एक हजार विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। योजना में प्रवेश के लिए इच्छुक विद्यार्थियों को निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद उन्हें ऑनलाइन स्क्रीनिंग परीक्षा में शामिल होना होगा। परीक्षा में प्रदर्शन और निर्धारित पात्रता मानकों के आधार पर विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। मेधावी और परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। चयन के बाद संबंधित परीक्षा के अनुरूप विद्यार्थियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार ने कोचिंग व्यवस्था को केवल लाइव कक्षाओं तक सीमित नहीं रखा है। विद्यार्थियों को रिकॉर्डेड कक्षाओं की सुविधा भी मिलेगी, जिससे वे अपनी सुविधा के अनुसार किसी विषय को दोबारा पढ़ सकेंगे। विषयवार प्रश्न बैंक, नियमित ऑनलाइन परीक्षा और मॉक टेस्ट के माध्यम से विद्यार्थियों की तैयारी का लगातार आकलन किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को अपनी कमजोरियों की पहचान करने और उन विषयों पर अतिरिक्त अभ्यास करने में मदद मिलेगी। गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के लिए निजी क्षेत्र के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों को भी योजना से जोड़ा गया है। विभाग की ओर से स्टडी आईक्यू दिल्ली, महेंद्र प्राइवेट लिमिटेड लखनऊ और दून ड्रीमर्स देहरादून जैसे संस्थानों का चयन किया गया है। इन संस्थानों के विशेषज्ञ शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों के माध्यम से अलग अलग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। इसके अलावा देश के अनुभवी और प्रतिष्ठित शिक्षकों को भी अभियान से जोड़ने की तैयारी है, जिससे विद्यार्थियों को व्यापक शैक्षणिक मार्गदर्शन उपलब्ध हो सके। योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि विद्यार्थियों को उनकी तैयारी के स्तर के अनुरूप लगातार अभ्यास और मूल्यांकन का अवसर मिलेगा। ऑनलाइन माध्यम से होने वाले टेस्ट और मॉक टेस्ट के जरिए उनकी प्रगति पर नजर रखी जाएगी। इससे विद्यार्थी केवल पाठड्ढक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वास्तविक प्रतियोगी परीक्षा के अनुरूप अपनी तैयारी को परख सकेंगे। राज्य सरकार का जोर आर्थिक संसाधनों के कारण प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के अवसर प्रभावित न होने पर है। प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले बड़ी संख्या में विद्यार्थी निजी कोचिंग संस्थानों की फीस वहन नहीं कर पाते। ऐसे में निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उन्हें घर से ही गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का माध्यम बनेगी। खासकर पहाड़ी जिलों में रहने वाले युवाओं के लिए इसका महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उन्हें देहरादून, दिल्ली या अन्य बड़े शहरों में जाकर रहने और कोचिंग लेने का अतिरिक्त खर्च नहीं उठाना पड़ेगा। सरकार का मानना है कि डिजिटल माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच बढ़ने से प्रदेश के युवाओं को समान अवसर मिल सकेंगे। योजना के जरिए 11 हजार विद्यार्थियों को अलग अलग क्षेत्रों की प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं के लिए तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। अब इस योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि चयन प्रक्रिया कितनी व्यापक रहती है और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक ऑनलाइन सुविधा कितनी प्रभावी ढंग से पहुंच पाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *