जंतर-मंतर मारपीट केस: CJP ने संसद मार्ग थाने पर किया प्रदर्शन, स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग
पुलिस के साथ हुई बैठक में FIR में SC/ST एक्ट की संबंधित धाराएं जोड़ने और संजय आजाद की दोबारा मेडिकल जांच कराने पर सहमति
नई दिल्ली, 4 सितंबर 2026: जंतर-मंतर पर 23 जून को हुए कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ हुई मारपीट का मामला एक बार फिर तूल पकड़ गया है। शुक्रवार को CJP के प्रवक्ता सौरभ दास और सह-संयोजक आशुतोष रांका समेत पार्टी के समर्थक पटेल चौक से मार्च करते हुए संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे और आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। CJP की ओर से कहा गया कि पुलिस के साथ हुई बैठक में FIR में SC/ST एक्ट की संबंधित धाराएं जोड़ने और संजय आजाद की दोबारा मेडिकल जांच कराने पर सहमति बनी है। हत्या के प्रयास की धारा जोड़ने पर मेडिकल जांच की रिपोर्ट के आधार पर फैसला किया जाएगा। निशु आजाद के वकील और AICC लॉ डिपार्टमेंट से जुड़े ऋषभ रंजन ने दावा किया कि बैठक में आपराधिक धमकी समेत अन्य धाराएं जोड़ने की मांग भी रखी गई। साथ ही निशु को कथित तौर पर मिल रही ऑनलाइन धमकियों और दुर्व्यवहार के लिए अलग FIR दर्ज करने की मांग की गई। CJP नेताओं के मुताबिक पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 72 घंटे में कार्रवाई का भरोसा दिया है। हालांकि उपलब्ध पुलिस संबंधी रिपोर्ट में हत्या के प्रयास की धारा को मेडिकल जांच के बाद तय किए जाने की बात कही गई है।
थाने के बाहर पप्पू यादव का धरना: राजनीतिक दलों के नेता और समर्थक भी पहुंचे
CJP के समर्थन में अन्य राजनीतिक दलों के नेता और समर्थक भी संसद मार्ग थाने पहुंचे। पप्पू यादव थाने के बाहर धरने पर बैठे और कहा कि पुलिस से आरोपी की गिरफ्तारी का आश्वासन मिला है। CJP नेता आशुतोष रांका ने चेतावनी दी कि यदि गिरफ्तारी नहीं हुई तो बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। संसद मार्ग थाने के बाहर चंद्रशेखर ने कहा कि पुलिस ने 72 घंटे के अंदर आरोपी को गिरफ्तार करने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि पीड़िता नाबालिग है, इसलिए पॉक्सो अधिनियम के तहत कार्रवाई की बात भी कही गई है। साथ ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम लगाने की भी बात कही गई है। चंद्रशेखर ने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वे यहीं बैठ जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘हम बेटियों का सम्मान करना जानते हैं।’
FIR में क्या दर्ज है?
मामला 23 जून की घटना से जुड़ा है। FIR के मुताबिक, संजय कुमार अपनी 14 वर्षीय बेटी और एक दोस्त के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए थे और शाम करीब 5:30 बजे मोबाइल से वीडियो बना रहे थे। इसी दौरान वीडियो बनाए जाने को लेकर विवाद हुआ और मारपीट की घटना हुई। पुलिस ने शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर BNS की धाराओं 115(2), 126(2) और 3(5) के तहत FIR नंबर 62/2026 दर्ज की थी। मेडिकल रिपोर्ट में सिर पर दो कटे हुए घाव दर्ज किए गए थे।
स्वतंत्र भारद्वाज का अलग दावा
दूसरी ओर, स्वतंत्र भारद्वाज ने वायरल पॉडकास्ट क्लिप को लेकर सफाई देते हुए दावा किया है कि घटना हमला नहीं बल्कि आत्मरक्षा थी। उनका कहना है कि उन्हें 10-15 लोगों ने घेर लिया था और अगर उन्होंने खुद का बचाव नहीं किया होता तो उनकी जान को खतरा हो सकता था। उनके मुताबिक, इसी दौरान संजय के सिर में चोट लगी। भारद्वाज ने यह भी कहा कि उनके पास घटना के वीडियो सबूत हैं, वह पुलिस जांच में सहयोग कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर राहुल गांधी समेत अन्य नेताओं द्वारा शेयर किया जा रहा पॉडकास्ट क्लिप एडिटेड/फर्जी है। उन्होंने अपने कथित राजनीतिक संबंधों पर कहा कि कपिल मिश्रा और चिराग पासवान उनके भाइयों की तरह हैं, और उनके पुराने बयान को संदर्भ से अलग करके देखा जा रहा है।
पुलिस का पक्ष
दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक दबाव के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार संजय कुमार को सिर में चोट लगी थी, लेकिन शुरुआती मेडिकल जांच में चोट को गंभीर प्रकृति की नहीं बताया गया था।
फिलहाल विवाद के दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं और जांच जारी है। CJP गिरफ्तारी की मांग पर 72 घंटे की समयसीमा का हवाला दे रही है, जबकि स्वतंत्र भारद्वाज आत्मरक्षा का दावा कर रहे हैं। ऐसे में अंतिम जिम्मेदारी और घटना की परिस्थितियां जांच तथा उपलब्ध वीडियो/मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होंगी।
