शुद्धिकरण विवाद पर खरगे का जेपी नड्डा को पत्र: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश देने की अपील
25 दिन बाद भी एफआईआर नहीं होने का आरोप
नई दिल्ली/हल्द्वानी। उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद कथित तौर पर मंच के शुद्धिकरण को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब और तेज हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मामले में राज्यसभा के नेता सदन एवं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग दोहराई है। खरगे ने अपने पत्र में कहा कि घटना को 25 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक इसके लिए जिम्मेदार लोगों और संगठनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने नड्डा को राज्यसभा में दिए गए कथित आश्वासन की याद दिलाते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश देने की अपील की।खरगे ने कहा कि यह मामला केवल उनके व्यक्तिगत सम्मान या कांग्रेस अध्यक्ष के पद से जुड़ा हुआ नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों लोगों की भावनाओं और सामाजिक भेदभाव की उस वास्तविकता से जुड़ा है, जिसका सामना दलित समाज को करना पड़ता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस तरह की प्रथाओं को स्वीकार किया जा सकता है। कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि एक ओर हल्द्वानी की घटना में 25 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं हुई, वहीं दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई की गई। खरगे के मुताबिक, राहुल गांधी ने कथित शुद्धिकरण की घटना के खिलाफ प्रेस वार्ता कर आवाज उठाई थी। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से कांग्रेस डरने वाली नहीं है और पार्टी समाज के हर वर्ग की आवाज उठाती रहेगी।खरगे ने भाजपा पर जाति और धर्म के आधार पर समाज को बांटने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसी राजनीति देश के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यह घटना केवल किसी एक व्यक्ति का मुद्दा नहीं, बल्कि दलित समाज के सम्मान और समानता से जुड़ा विषय है।कांग्रेस ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर कथित शुद्धिकरण में शामिल लोगों और संगठनों की पहचान की जाए तथा कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

