August 14, 2026

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मुख्यमंत्री धामी ने सुरंग हादसे में घायल श्रमिकों का जाना हाल,मृतकों के परिजनों को चार चार लाख रुपये की सहायता की घोषणा

सुरंग में काम कर रहे थे 28 श्रमिक : सात श्रमिकों की मौत हो चुकी है जबकि तीन श्रमिक अब भी लापता, 12 घायल श्रमिकों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा
गोपेश्वर । चमोली जिले में अलकनंदा नदी पर निर्माणाधीन विष्णुगाड पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की सुरंग में गुरुवार शाम हुए भीषण हादसे में अब तक सात श्रमिकों की मौत हो चुकी है जबकि तीन श्रमिक अब भी लापता हैं। हादसे के बाद शुक्रवार तड़के पुनः सुरंग के अंदर फंसे श्रमिकों की तलाश और बचाव के लिए युद्धस्तर पर अभियान शुरू किया गया। जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और सेना समेत विभिन्न एजेंसियों की टीमें मौके पर तैनात हैं। सुरंग के अंदर मलबा और पानी होने के कारण बचाव अभियान में चुनौती बनी हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को पीपलकोटी पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने स्वयं निर्माणाधीन सुरंग के अंदर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति देखी तथा टीएचडीसी के अधिकारियों से हादसे और रेस्क्यू अभियान की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बचाव कार्यों में पूरी क्षमता के साथ जुटने और प्रभावित श्रमिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। टनल का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री जिला अस्पताल पहुंचे और हादसे में घायल श्रमिकों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों से घायलों के उपचार की जानकारी ली और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों को चार चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि, प्रत्येक व्यक्ति की जान हमारे लिए बहुत कीमती है। इसके लिए हमारे पास जितने भी साधन उपलब्ध हैं, उन सभी का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टनल में फंसे प्रत्येक श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और रेस्क्यू अभियान में किसी भी स्तर पर कमी नहीं रहने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि घटना में प्रभावित श्रमिकों के परिजनों को समय पर सूचना उपलब्ध कराने के लिए संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी उन्होंने स्वयं वार्ता की है। साथ ही टनल दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं। बताया गया कि गुरुवार शाम करीब पौने सात बजे विष्णुगाड पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में ग्रेविटी पर पैकिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान सुरंग के भीतर जोरदार धमाका हुआ और अचानक पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा सुरंग के अंदर भरने लगा। घटना के समय सुरंग में कुल 28 श्रमिक काम कर रहे थे। हादसे के बाद वहां अफरा तफरी मच गई और बचाव कार्य तत्काल शुरू किया गया। हादसे में अधिकांश प्रभावित श्रमिक बिहार, झारखंड और छत्ती सगढ़ से बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद कई श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि सात श्रमिकों के शव बरामद किए जा चुके हैं। तीन श्रमिकों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। 12 घायल श्रमिकों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल विभिन्न बचाव दलों को मौके पर भेजा। शुक्रवार तड़के से सुरंग में फंसे श्रमिकों की तलाश तेज कर दी गई। एसडीआरएफ की छह टीमें रेस्क्यू अभियान में तैनात हैं। इसके अलावा एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें भी अभियान में जुटी हुई हैं। रेस्क्यू अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए सुरंग में अंडरवाटर कैमरे, डॉग स्क्वाड और भारी क्षमता वाले पंप लगाए गए हैं। पंपों के माध्यम से सुरंग में जमा पानी को बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि मलबे को हटाकर अंदर तक पहुंचने की कार्रवाई लगातार जारी है। एसएसपी चमोली समेत पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर कैंप कर बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। गढ़वाल आईजी राजीव स्वरूप भी घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव अभियान का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से रेस्क्यू की प्रगति की जानकारी ली। आपदा सचिव के साथ टीएचडीसी और एचसीसी के अधिकारियों ने भी सुरंग का निरीक्षण किया और बचाव कार्यों की रणनीति पर चर्चा की। हादसे के बाद तीन श्रमिक अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इनमें झारखंड निवासी लुकास टोपनो पुत्र बॉससा टोपनो, छत्तीसगढ़ निवासी चेतन पोयाम पुत्र सोनधार पोयाम और छत्तीसगढ़ निवासी देवनाथ पुत्र धनसुराम बघेल शामिल हैं। बचाव दल इन तीनों श्रमिकों की तलाश में लगातार अभियान चला रहे हैं। हादसे में अब तक सात श्रमिकों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में टिहरी गढ़वाल निवासी 31 वर्षीय प्रदीप पंवार पुत्र अवतार सिंह, चमोली निवासी मुकेश सिंह पुत्र प्रेम सिंह, उत्तर प्रदेश निवासी दुर्लभ शर्मा पुत्र भवानी राम शर्मा, उत्तर प्रदेश निवासी विजय हंसदा पुत्र राम चंद्र, उत्तर प्रदेश निवासी जितेंद्र कुमार पुत्र राम चंद्र, छत्तीसगढ़ निवासी लोकेश्वर पुत्र सोन सिंह पोयम और छत्तीसगढ़ निवासी भुनेश्वर पुत्र सुरेंद्र कुमार शामिल हैं। हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। प्रशासन की ओर से परिजनों को घटना की जानकारी देने के साथ आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। हादसे में घायल श्रमिकों में छत्तीसगढ़ निवासी 20 वर्षीय सुनील दीवान पुत्र संतोश दीवान, तपरा निवासी 27 वर्षीय हारबिल गुड़िया पुत्र रेजन गुड़िया, झारखंड निवासी 24 वर्षीय निस्तर भिंगरा पुत्र राफेल भिंगरा, 46 वर्षीय विनोद रावना पुत्र तुनिया रावना, 26 वर्षीय दीना बेगरा पुत्र केला बेगरा और 22 वर्षीय खेला राम बिसरा पुत्र मोनसा बिसरा शामिल हैं। इसके अलावा पंजाब निवासी 45 वर्षीय सुबेग सिंह पुत्र वीरा सिंह, हिमाचल प्रदेश निवासी तिलकराज पुत्र बुद्धीराम, बिहार के रोहतास निवासी 39 वर्षीय चंदन कुमार पुत्र तुलसी सिंह, छत्तीसगढ़ निवासी 33 वर्षीय पेन सिंह पुत्र पीला सिंह, बिहार निवासी 20 वर्षीय रोहित पांडे पुत्र अवधेश पांडे और पश्चिम बंगाल निवासी गोविंदो मंडाल पुत्र परीक्षित मंडाल भी घायल हुए हैं। रोहित पांडे का उपचार बेस अस्पताल श्रीनगर में चल रहा है, जबकि गोविंदो मंडाल का उपचार जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में किया जा रहा है।

 

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