August 10, 2026

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सफाई कर्मचारियों और वाल्मीकि समाज के सैकड़ों लोगों के साथ धरने पर बैठे महापौर विकास शर्मा

आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
रुद्रपुर (उद संवाददाता)। काशीपुर रोड पर कार और स्कूटी की भिड़ंत के बाद कथित जानलेवा हमले के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से वाल्मीकि समाज और नगर निगम के पर्यावरण मित्रें का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सोमवार को नगर निगम के सफाई कर्मचारियों और वाल्मीकि समाज के सैकड़ों लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर नगर निगम परिसर में धरना शुरू कर दिया। कर्मचारियों के समर्थन में महापौर विकास शर्मा भी धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और घायल युवक को न्याय नहीं मिलता, तब तक वह कर्मचारियों के साथ धरने पर बैठे रहेंगे। मामला शुक्रवार रात काशीपुर रोड फ्लाईओवर के पास कार और स्कूटी की भिड़ंत से जुड़ा है। दुर्घटना में नगर निगम की महिला सफाई कर्मचारी का पुत्र अभिषेक और एक अन्य युवक घायल हो गए थे। आरोप है कि दुर्घटना के बाद कुछ लोगों ने युवकों के साथ जमकर मारपीट भी की। अभिषेक की हालत गंभीर होने पर उसे बरेली के राममूर्ति अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। परिजनों और वाल्मीकि समाज की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामले में एससी एक्ट समेत जानलेवा हमले की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर सोमवार को वाल्मीकि समाज और नगर निगम कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई। इसी के चलते कर्मचारियों ने नगर निगम परिसर में धरना शुरू कर दिया। धरने में वाल्मीकि समाज के सैकड़ों लोग भी शामिल हुए। धरने पर बैठे कर्मचारियों और समाज के लोगों ने स्पष्ट कहा कि जब तक मामले में सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल नहीं भेजा जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने पुलिस से मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि घायल युवक की हालत गंभीर है और उसके परिवार को न्याय की आवश्यकता है। समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद से पीड़ित परिवार मानसिक परेशानी से गुजर रहा है, ऐसे में आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी से समाज में आक्रोश बढ़ रहा है। महापौर विकास शर्मा भी धरना स्थल पर पहुंचे और कर्मचारियों के साथ धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि नगर निगम के कर्मचारी और पार्षद उनके लिए एक परिवार की तरह हैं और उनके सुख दुख में वह हमेशा साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होगी और कर्मचारियों की मांग पूरी नहीं होगी, तब तक वह स्वयं भी कर्मचारियों के साथ धरने पर बैठे रहेंगे। महापौर ने कहा कि पुलिस अपना काम कर रही है और मामले में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि वह किसी अपराधी के साथ नहीं हैं और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि तीन दिन से परिवार का बच्चा अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहा है, ऐसे समय में राजनीति करने के बजाय पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग राजनीतिक स्वार्थ के लिए मामले को तूल देने और लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों और उनके बीच दीवार खड़ी करने की कोशिश की जा रही है। महापौर ने कहा कि इस मामले से जुड़ी राजनीतिक गतिविधियों और कथित साजिश की जानकारी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्टð को दी जाएगी। महापौर ने कहा कि नगर निगम के कर्मचारी दिन रात शहर को साफ रखने का काम करते हैं और वह उनके सम्मान तथा अधिकारों के लिए उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि घायल युवक के उपचार में जहां भी आर्थिक सहायता की आवश्यकता होगी, वहां कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने यदि तय किया है कि जब तक गिरफ्तारी नहीं होगी तब तक धरना जारी रहेगा, तो वह भी उनके निर्णय के साथ हैं। महापौर ने कहा कि वह किसी राजनीतिक लाभ के लिए धरने पर नहीं बैठे हैं। वह नगर निगम परिवार और सफाई कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि जब तक घायल युवक को न्याय नहीं मिलता और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। धरना स्थल पर वाल्मीकि समाज के नेताओं ने भी पुलिस प्रशासन से तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि समाज अपने लोगों के हक, सम्मान और न्याय के लिए आरपार की लड़ाई लड़ने को तैयार है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सोमवार दोपहर दो बजे तक सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा। वाल्मीकि समाज के लोगों ने कहा कि मामले में कार्रवाई को लेकर किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए नामजद आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। धरने के दौरान बड़ी संख्या में नगर निगम कर्मचारी, वाल्मीकि समाज के लोग और अन्य समर्थक मौजूद रहे।

मामले को तूल देकर राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता निभाने में जुटे कुछ नेता
रुद्रपुर। मारपीट के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर वाल्मीकि समाज की ओर से नगर निगम परिसर में दिया जा रहा धरना किसी राजनीतिक दल के संरक्षण में नहीं है और न ही यह किसी पार्टी के खिलाफ है। समाज के लोग केवल आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। मेयर विकास शर्मा भी पार्षदों के साथ स्वयं धरना स्थल पर पहुंचकर समाज के लोगों के साथ धरने पर बैठे हैं और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद धरना स्थल पर कुछ लोगों की राजनीतिक सक्रियता को लेकर चर्चाएं तेज हैं। धरना स्थल पर चर्चा थी कि कुछ लोग अपने राजनीतिक और व्यक्तिगत स्वार्थ साधने के लिए मामले को तूल देने में लगे हुए हैं। चर्चा है कि ऐसे लोग वाल्मीकि समाज के धरने को अपनी राजनीति का मंच बनाकर अपनी रोटियां सेंकने और व्यक्तिगत प्रतिद्वंद्विता निभाने का प्रयास कर रहे हैं। वाल्मीकि समाज ने स्पष्ट किया कि वह किसी राजनीतिक दल के साथ नहीं है और न ही किसी पार्टी के खिलाफ। समाज का धरना पूरी तरह न्याय की मांग को लेकर है। समाज के लोगों का कहना है कि उनकी मांग को राजनीतिक रंग देने या अपने निजी हित साधने के किसी भी प्रयास का वे विरोध करेंगे। उनका कहना है कि धरना तब तक जारी रहेगा जब तक मारपीट के आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर उचित कार्रवाई नहीं होती।

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