तीन मांगों को लेकर जेपी नड्डा से मुलाकात : संसद भवन की ओर बढ़े हजारों प्रदर्शनकारी, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प
अभिजीत दीपके हिरासत में: सोनम वांगचुक को प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग
नई दिल्ली, सोमवार। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च के दौरान राजधानी दिल्ली में दिनभर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। हजारों प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन की ओर कूच करने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और हल्का लाठीचार्ज किया। एहतियात के तौर पर संसद भवन के सभी प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई और आसपास के कई इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। दोपहर करीब 12:30 बजे रायसीना रोड से निकले प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्ग की ओर बढ़ने की कोशिश की। पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग लगाए जाने के बावजूद कई प्रदर्शनकारी आगे बढ़ गए। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग किया। रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारी रेल भवन तक पहुंच गए, जिसके बाद संसद भवन के मुख्य गेट समेत अन्य प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई। संसद भवन के आसपास हालात बाद में सामान्य होने की बात भी सामने आई। झड़प के दौरान दिल्ली पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर के घायल होने की सूचना है। पुलिस अधिकारी के अनुसार, बैरिकेडिंग के पास मौजूद पुलिसकर्मियों पर प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, जिसमें वह घायल हो गए। रिपोर्टों के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान संसद मार्ग क्षेत्र में कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। कुछ स्थानों पर सरकारी कार्यालयों, बैंकों और पुलिस वाहनों में घुसने तथा तोड़फोड़ किए जाने के भी आरोप लगाए गए हैं।
तीन मांगों को लेकर जेपी नड्डा से मुलाकात
इस बीच CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरभ दास के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने तीन प्रमुख मांगें रखीं:
- सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई।
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग।
- आत्महत्या करने वाले सभी NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा।
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दावा किया कि जेपी नड्डा ने इन मांगों पर केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा करने के लिए समय मांगा है।CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को जंतर-मंतर से पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इससे पहले उन्होंने कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आग्रह पर अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त कर दी थी। बताया गया कि सोनम वांगचुक फिलहाल सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं।प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह, समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए और प्रदर्शनकारियों के समर्थन में पहुंचे।संसद मार्च को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। एहतियातन जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशनों के कुछ प्रवेश द्वार अस्थायी रूप से बंद किए गए। बाद में जनपथ और पटेल चौक मेट्रो स्टेशन के गेट दोबारा खोल दिए गए।
सोनम वांगचुक को प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग लेकर पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर जल्द सुनवाई की मांग की है। जंतर-मंतर से संसद मार्ग थाने तक प्रदर्शनकारी जमा हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने तीन जगह पुलिस की बैरिकेडिंग गिरा दी है और दो कारों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। आप नेता संजय सिंह और मनीष सिसोदिया भी प्रदर्शनकारियों के साथ हैं। कॉकरोच जनता पार्टी को शुरुआत में युवाओं का बहुत ज्यादा समर्थन नहीं मिला, लेकिन 20 जून को सीजेपी ने जंतर-मंतर पर समर्थकों के साथ प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस से इजाजत मांगी। इजाजत मिल गई और बड़ी संख्या में इससे युवा जुड़ने भी लगे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से हुआ। शाम को निर्धारित अनुमति अवधि समाप्त होने के बाद पुलिस ने प्रदर्शन खत्म करने को कहा, लेकिन अभिजीत दीपके ने साफ कर दिया कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक धरना जारी रहेगा।
