उधम सिंह नगर के ‘तीन लाख’ से अधिक मतदाताओं को जारी होगा ‘नोटिस’
मतदाताओं के गणना प्रपत्र में त्रुटि के मामले में उधम सिंह नगर जनपद राज्य भर में तीसरे स्थान पर, पहले स्थान पर देहरादून एवं दूसरे स्थान पर हरिद्वार जिले के नाम
उधम सिंह नगर । उत्तराखंड में एसआईआर के पहले चरण की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी किए जाने के बाद, अब राज्य के मतदाताओं के भाग दौड़ एवं दस्तावेज खोजने का दौर एक बार फिर आरंभ होने वाला है। वह इसलिए, क्योंकि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची के अनुसार, प्रदेश के 71 लाख 33 हजार 785 मतदाताओं में से 19 लाख 4 हजार 380 मतदाताओं के गणना प्रपत्र में त्रुटियां पाई गई है। गणना प्रपत्र में विसंगति पूर्ण विवरण दर्ज करने के मामले में पहले स्थान पर देहरादून, दूसरे स्थान पर हरिद्वार एवं तीसरे स्थान पर उधम सिंह नगर जिले का नाम है। उधम सिंह नगर जिले के11 लाख 55 हजार 672 मतदाताओं में से 3 लाख 76 हजार 164 मतदाताओं के गणना प्रपत्र में त्रुटियां पाई गई हैं। लिहाजा उपरोक्त सभी मतदाताओं को अब संबंधित जिला निर्वाचन कार्यालय से कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा । राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार प्रदेश भर में ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल कुल मतदाताओं में से 27 फीसदी मतदाताओं के गणना फॉर्म में विसंगतियां पाई गई हैं। जिसके चलते संबंधित ईआरओ की ओर से संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार मतदाताओं को जारी नोटिस की सुनवाई के लिए न्याय पंचायत स्तर पर क्लस्टर में कैंप लगाए जाएंगे। इसके साथ ही मैदानी क्षेत्र के मतदाताओं की सुविधा के लिए तहसील के अलावा नगर निगम, नगर पंचायत और वार्ड स्तर पर भी कैंप लगाए जाएंगे। राज्य निर्वाचन कार्यालय से हासिल जानकारी के मुताबिक मतदाताओं के गणना प्रपत्र में मुख्य रूप से आठ तरह की त्रुटियां पाई गई हैं। मसलन, कुछ मतदाताओं और उनके माता-पिता के बीच का आयु अंतर 15 साल से कम है। वहीं, कुछ मतदाताओं एवं उनके माता -पिता के बीच आयु का अंतर 50 साल से अधिक है। इसके अलावा कुछ मतदाताओं और उनके दादा-दादी/ नाना- नानी के बीच आयु का अंतर 40 साल से भी कम है। साथ ही अनेक मामलों में दो भाई या भाई बहन के बीच आयु का अंतर 9 माह से कम पाया गया है। कहीं कहीं पर एक ही मतदाता के साथ प्रोजेनी (गार्जन) के रूप में 6 से ज्यादा व्यक्ति हैं। इसके अलावा काफी मतदाताओं के गणना प्रपत्र में मतदाता के नाम में कोई त्रुटि, मतदाता के पिता के नाम में कोई त्रुटि तथा लास्ट एसआईआर की मतदाता सूची में अनमैप्ड होने संबंधी खामियां शामिल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मतदाताओं को जारी किए जाने वाले सभी नोटिस ऑनलाइन जनरेट किए जाएंगे। इसके बाद उनको प्रिंटकर बीएलओ के जरिए, मतदाताओं तक पहुंचाया जाएगा। राहत की बात तो यह है की गणना प्रपत्र में गलती के लिए नोटिस पाने वाले मतदाता को कोई विशेष दस्तावेज नहीं देना होगा। ऐसे मतदाताओं को निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित किए गए 12 दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज, जिनमें आधार कार्ड भी शामिल है, नोटिस के जवाब के साथ बीएलओ के पास जमा करना होगा।
