संतों का सानिध्य भगवान के दर्शन समानः धामी
रायवाला में आयोजित विशाल संत सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने लिया संत समाज का आशीर्वाद
देहरादून। रायवाला में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ एवं विशाल संत सम्मेलन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संत समाज का आशीर्वाद प्राप्त किया और उनके मार्गदर्शन का लाभ लिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में संत, श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि संत समागम अत्यंत दुर्लभ होता है और संतों का सानिध्य प्राप्त होना भगवान के दर्शन के समान है। उन्होंने कहा कि संत समाज करोड़ों लोगों को जीवन की सही दिशा प्रदान करता है तथा उनके सानिध्य से मनुष्य के पापों का नाश होता है। संतों ने सदैव समाज, राष्ट्र और पूरी दुनिया को मार्गदर्शन देने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी देश पर किसी प्रकार का संकट या विपत्ति आई है, तब संत समाज ने अपनी तपस्या, ज्ञान और विद्वता के बल पर देश को सही दिशा दिखाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि संतों के आशीर्वाद से ही आज उत्तराखंड निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की आध्यात्मिक चेतना को स्वीकार कर रही है। इसका सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि विश्व के लगभग 190 देशों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति की ध्वजा आज पूरे विश्व में लहरा रही है और यदि वर्तमान समय को सनातन का स्वर्णिम काल कहा जाए तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यह सब संत समाज के आशीर्वाद और मार्गदर्शन से ही संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देवभूमि उत्तराखंड से विशेष लगाव रहा है। उनके नेतृत्व में राज्य में पर्यटन और तीर्थाटन के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री अपने कार्यकाल के दौरान 28 बार उत्तराखंड का दौरा कर चुके हैं, जो राज्य के प्रति उनके विशेष स्नेह और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आगामी कुंभ मेले को लेकर मुख्यमंत्री ने संत समाज को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार भव्य, दिव्य और ऐतिहासिक कुंभ के आयोजन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आयोजन की सभी तैयारियां समयबद्ध ढंग से की जा रही हैं और किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि के मूल स्वरूप, सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक पहचान की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनसांख्यिकीय संरचना के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू कर सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। कार्यक्रम में स्वामी हरिचेतनानंद महाराज, विशुकानंद महाराज, योग गुरु बाबा रामदेव, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्र, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, ओमप्रकाश गुलिया, हेमलता गुलिया, विक्रम भुल्लर सहित अनेक संत, जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
