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निशानेबाज जसपाल राणा के निधन के चार दिन बाद मां का भी निधन

देहरादून । भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज और पप्रश्री से सम्मानित निशानेबाज जसपाल राणा की मां श्यामा देवी राणा का 78 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने नई दिल्ली के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। चार दिन पहले ही उनके पुत्र जसपाल राणा का 49 वर्ष की आयु में आकस्मिक निधन हुआ था। लगातार दो बड़े पारिवारिक आघात से राणा परिवार शोक में डूब गया है। परिवार के करीबी लोगों के अनुसार, बेटे जसपाल राणा के निधन के बाद श्यामा देवी राणा गहरे सदमे में थीं। उनका स्वास्थ्य लगातार बिगड़ता चला गया, जिसके बाद उन्हें नई दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। जसपाल राणा देश के सबसे सफल निशानेबाजों में शामिल रहे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कई पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया। उन्हें अर्जुन पुरस्कार और पप्रश्री से सम्मानित किया गया था। सक्रिय खेल जीवन के बाद उन्होंने कोच के रूप में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया और ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर सहित कई युवा निशानेबाजों को प्रशिक्षण दिया। राणा परिवार उत्तराखंड में लंबे समय से सार्वजनिक जीवन और खेलों से जुड़ा रहा है। जसपाल राणा के पिता नारायण सिंह राणा उत्तराखंड के पहले खेल मंत्री रह चुके हैं और उन्होंने ही जसपाल को शुरुआती दौर में निशानेबाजी का प्रशिक्षण दिया था। कुछ ही दिनों के अंतराल में बेटे और मां के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। श्यामा देवी राणा को परिवार की प्रेरणाशक्ति माना जाता था। उन्होंने एक गृहिणी के रूप में पूरे परिवार को मजबूत आधार दिया और जसपाल राणा की खेल यात्रा में हर कदम पर उनका उत्साहवर्धन किया। परिवार और करीबी लोगों का कहना है कि उनकी सादगी, त्याग और प्रेरणा ने जसपाल राणा के व्यक्तित्व और सफलता को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। श्यामा देवी राणा के निधन की खबर से खेल जगत, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रें में शोक की लहर है। बड़ी संख्या में लोगों ने राणा परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। पारिवारिक परंपराओं के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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